महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री होंगे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे.. इस दिन लेंगे शपथ


महाराष्ट्र में लंबे समय से जारी सियासी महासंग्राम का सियासी पटाक्षेप हो गया है. तमाम उलटफेर तथा सियासी क्लाइमेक्स के बाद अब ये तय हो गया है कि शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे. मुंबई के होटल ट्राइडेंट में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की संयुक्त बैठक में उद्धव ठाकरे को सर्वसम्मति से महाविकास अघाड़ी का नेता चुना गया. बता दें कि शिवसेना, एनसीपी तथा कांग्रेस ने  महाराष्ट्र के अपने गठबंधन को महाविकास आघाड़ी नाम दिया है.

उद्धव ठाकरे फिलहाल विधायक नहीं है तथा शपथ लेने के 6 महीने के अंदर उन्हें विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी होगा. सूत्रों के मुताबिक़, उद्धव ठाकरे 1 दिसंबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में एक भव्य समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद का शपथ लेंगे. पहली बार ठाकरे परिवार से कोई मुख्यमंत्री बनेगा. अब तक ठाकरे परिवार खुद को चुनाव से दूर रखता आया था लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव में परिवार ने जब इस परंपरा को तोड़कर आदित्य ठाकरे को चुनाव मैदान में उतारा था.

यह संकेत था कि अब शिवसेना मुख्यमंत्री पद के लिए सारा जोर लगाएगी. इसके बाद  24 अक्टूबर को नतीजे घोषित होने के बाद से ही शिवसेना ने बीजेपी पर आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने का दबाव डालना शुरू कर दिया. बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं तो लंबे समय तक दोनों बलों के बीच सियासी खींचतान चलती रही. अंत में सीएम पद के लिए शिवसेना ने बीजेपी से गठबंधन तोड़ लिया तथा एनसीपी व कांग्रेस से हाथ मिला लिया. शिवसेना आदित्य ठाकरे को सीएम बनाना चाहती थी लेकिन एनसीपी तथा कांग्रेस के कहने पर अब उद्धव ठाकरे राज्य के मुखिया होंगे.

उद्धव ठाकरे के साथ कांग्रेस और एनसीपी से एक-एक नेता डेप्युटी सीएम पद का भी शपथ ले सकते हैं. एनसीपी की तरफ से जयंत पाटिल और कांग्रेस की तरफ से बालासाहेब थोराट डेप्युटी सीएम बन सकते हैं. महाविकास अघाड़ी के नेता और मुख्यमंत्री के तौर पर उद्धव ठाकरे के नाम के प्रस्ताव के पास होने के बाद एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा कि राज्य में बदलाव की जरूरत थी. बालासाहेब ठाकरे का जिक्र करते हुए शरद पवार ने कहा कि वह काफी हाजिरजवाब थे. अगर आज वह होते तो बहुत ज्यादा खुश होते। पवार ने कहा, ‘महाविकास अघाड़ी के 3 प्रतिनिधि आज राज्यपाल से मिलेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. शपथग्रहण 1 दिसंबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित किया जाएगा.’

महा विकास अघाड़ी का नेता चुने जाने के बाद उद्धव ठाकरे ने एनसीपी चीफ शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का खास तौर पर आभार जताया. उन्होंने कहा, ‘आप लोगों ने मुझे अपना नेता चुना है. हम सब एक परिवार की तरह काम करेंगे. आम आदमी को लगना चाहिए कि यह उसकी सरकार है.’ इस मौके पर उन्होंने अपने पिता बालासाहेब ठाकरे को याद किया. उद्धव ने कहा, ‘कभी सोचा नहीं था कि मैं सीएम बनूंगा. संघर्ष के समय बालासाहेब की बहुत याद आती है.’

इस दौरान उद्धव ठाकरे ने यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की कि शिवसेना ने हिंदुत्व की विचारधारा से समझौता नहीं किया है. उन्होंने कहा, ‘मेरे हिन्दुत्व में किसी तरह का झूठापन नहीं है. वे कह रहे हैं कि हमने शिवसेना के आदर्शों का उल्लंघन किया लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि उनको पालकी में बिठाने के लिए शिवसेना की स्थापना नहीं हुई थी.’ उद्धव ने ये भी कहा कि महाराष्ट्र में सरकार गठन के बाद वह बड़े भाई से मिलने के लिए दिल्ली जायेंगे. उद्धव के बड़े भाई को पीएम मोदी से जोड़कर देखा जा रहा है.

इस बैठक की सबसे ख़ास बात ये रही कि बैठक में एनसीपी प्रमुख शरद पवार, उद्धव ठाकरे, अशोक चव्हाण समेत शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के तमाम बड़े नेता और नवनिर्वाचित विधायक शामिल हुए. समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी भी बैठक में मौजूद रहे. उनके अलावा, स्वाभिमानी पक्ष के नेता राजू शेट्टी भी बैठक में शामिल हुए. लेकिन इस सबके बीच खास बात यह रही कि डेप्युटी सीएम पद से इस्तीफा देने वाले अजित पवार बैठक में शामिल नहीं हुए. अजित पवार के बैठक में शामिल होने के बाद ये कयास लगाये जा रहे है कि शायद अजित पवार अभी शिवसेना के साथ हाथ मिलाने से खुश नहीं हैं.


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