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कश्मीरी चरमपंथियों की नजरबंदी पर केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के बयान का पूरे देश में स्वागत


कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के समय जिन कश्मीरी चरमपंथियों तथा पाकपरस्तों को केंद्र सरकार ने नजरबन्द किया था, उनको लेकर केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बड़ा बयान दिया है. केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के इस बयान की देशभर में तारीफ़ की जा रही है, उनके बयान का स्वागत किया जा रहा है. दरअसल केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने नजरबन्द जम्मू कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला तथा महबूबा मुफ्ती को लेकर दिया है.

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अधिकारियों के एक समूह से कहा कि अगर घाटी में शांति बरकरार रखने में मदद मिलती है तो जम्मू कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को नजरबंद ही रहना चाहिए. ये अधिकारी जितेन्द्र सिंह को नव गठित केंद्र शासित प्रदेश के स्थिति के बारे में जानकारी देने पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि सुशासन और क्षेत्र में विकास तथा युवाओं पर ध्यान केंद्रित करने के प्रयास के तहत सरकार को जम्मू कश्मीर पर विमर्श में बदलाव लाना होगा.

दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के बाद अधिकारियों को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला , उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी के संदर्भ में कहा कि उनके नजरबंद रहने के कारण अगर स्थिति शांतिपूर्ण है तब यही बेहतर है कि वो नजरबंद रहें.  इस सम्मेलन में उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू भी मौजूद थे. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर पर विमर्श को बदलना होगा, जिससे सुशासन और विकास का फल लोगों तक पहुंच सके. उन्होंने कहा, “लोगों का एक वर्ग ऐसा है जो यह नहीं जानता कि वे किस चीज से वंचित थे. वंचित होना उस सीमा तक पहुंच गया था.”


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