पहले छोड़ दिया धर्म, फिर छोड़ दिया देश भी. अब बोल रहीं – “हमें बचा लो”.. इतना ही नहीं बचाने की भी रख रहीं शर्त - Hindi News, हिंदी समाचार, Samachar, Breaking News, Latest Khabar -

Breaking News:

पहले छोड़ दिया धर्म, फिर छोड़ दिया देश भी. अब बोल रहीं – “हमें बचा लो”.. इतना ही नहीं बचाने की भी रख रहीं शर्त


उन्होंने सबसे पहले घर वालों और समाज की गुहार को दरकिनार करते हुए अपने धर्म को बदला, फिर उन्होने दूसरे मजहब के लडके से निकाह किया , अपने मूल नाम को बदला और इतना ही नहीं , अपने देश को भी त्याग दिया. उनको लव की ग्रेट का ऐसा ककहरा पढ़ाया गया था कि उसके आगे उन्होने घर परिवार और संस्कार तब सब कुछ बदल डाले. आखिरकार उन्होंने अब शायद अपने पुराने समय को याद करना शुरू कर दिया है, लेकिन अब सम्भवतः बहुत देर हो चुकी है.

ये बात हो रही है उन लडकियों की जिनको लव जिहाद का शिकार बनाया गया. उन्हें खूब मीठे मीठे सपने दिखाए गये और उनके निकाह करवा कर उन्हें अफगानिस्तान में भेज दिया गया. उनके कथित शौहर आतंकी समूह ISIS में शामिल थे जो अमेरिका और अफगानी फौजों को चुनौती देने के लिए वहां गये थे. हैरानी की बात ये है कि अपने शौहर को आतंकी जान और देख कर भी उनकी आँखे नहीं खुली थी.. लेकिन अब वो वापस आने की मांग करने लगी हैं , पर उस मांग में भी उनकी शर्तें तय हो चुकी है.

ISIS में शामिल होने के लिए केरल से भागकर अफगानिस्तान जाने वाली २ जिहादी औरतें अब भारत आना चाह रहीं. इनका नाम निमिषा उर्फ फातिमा और सोनिया उर्फ आयशा है। इनका कहना है कि, इनके शौहरों को अफगानिस्तान में मार दिया गया है। सोनिया ने बताया कि, वह अफगानिस्तान में अपने जीवन से बहुत असंतुष्ट है। वे अपने पति के परिवार के पास वापस लौटना चाहती है। जबकि निमिषा का कहना है कि वो अपनी मां बिंदु संपथ से मिलना चाहती है, बशर्ते उसे गिरफ्तार न किया जाए।

गौरतलब है कि पिछले साल ९०० आतंकियों ने अफगान सुरक्षाबलों के आगे आत्मसमर्पण किया था। इनमें से करीब १० आतंकी भारत से थे और इनमें भी अधिकतर केरल से थे। साल २०१६ में कई आतंकी केरल से अफगान गए थे। कुछ अपने साथ अपने पूरे परिवार को ले गए थे, जबकि कुछ अकेले चले गए थे।इन आतंकियों ने अफगानिस्तान के पूर्वी प्रान्त नंगरहार में सरेंडर किया था, जहां अफगान सुरक्षाबलों ने ISIS के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ा हुआ था। ये अभियान १२ नवंबर को जारी हुआ था।

जिसके शुरु होने के कुछ ही घंटों के बाद ९३ आतंकियों ने सुरक्षाबल के आगे आत्मसमर्पण कर दिया था। यहां बता दें, कि ऐसी स्थिति में भारत आने की इच्छा जताने वाली दोनों लड़कियाँ भी भारत से २०१६ में ISIS ज्वाइन करने के लिहाज से अफगानिस्तान गई थीं। इन दोनों लड़कियों ने कॉलेज के समय में इस्लाम धर्म अपनाया था। बाद में निमिषा ने ईसा से निकाह किया था और सोनिया ने अब्दुल राशिद से। निमिषा एक डेंटल स्टूडेंट थी। जो केरल के तिरुवनंतपुरम इलाके की रहने वाली थी। इसने बिना अपनी मां को बताए बेक्सिन नामक एक ईसाई से शादी की थी। बाद में दोनों ने इस्लाम कबूल कर लिया था


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share