ईरान से तनाव के बीच अमेरिका के समर्थन में आये नाटो देश.. बोले- सावधान ईरान वरना…


अमेरिका तथा ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं. दोनों देशों के बीच तनाव इस कदर चरम पर है कि इससे तृतीय विश्वयुद्ध की आहट साफ़ सुनाई देने लगी है. अमेरिका द्वारा ईरान के जनरल सुलेमानी को मार गिराए जाने के बाद ईरान जहाँ बदले की बात कर रहा है तो वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप साफ़ कर चुके हैं कि अगर ईरान ने कुछ भी किया तो वह ईरान को तबाह भी कर देगा. ट्रंप ने ये भी कह दिया है उन्होंने ईरान के 52 ठिकाने चिन्हित कर लिए हैं जहाँ ईरान की किसी भी उकसावे वाली कार्यवाई के बाद उनके देश की सेना मौत बरसायेगी.

अमेरिकी तथा ईरान के जारी इसी तनाव के बीच अमेरिका को नाटो देशों का समर्थन मिला है. उत्‍तरी एटलांटिक संधि संगठन यानी नाटो (NATO) ने कहा है कि वह मध्य पूर्व में संयुक्त राज्य अमेरिका की नीतियों का समर्थन करता है और ईरान द्वारा विभिन्न आतंकवादी समूहों के समर्थन की निंदा करता है. NATO ने ईरान को कोई भी गलत कदम न उठाने की चेतावनी भी दी है. s तरह से NATO देश खुलकर अमेरिका के समर्थन में आ गए हैं उससे सवाल उठने लगा है कि कहीं अमेरिका से पंगा लेकर ईरान ने बड़ी गलती तो नहीं कर दी है.

बता दें कि नाटो देशों के राजदूतों की 6 जनवरी को ब्रूसेल्स स्थित मुख्‍यालय में हुई बैठक में क्षेत्र के मौजूदा हालातों पर चर्चा हुई. इस बैठक के बाद नाटो महासचिव जेन स्टोलटेनबर्ग ने ईरान से मध्‍य पूर्व क्षेत्र में तनाव कम करने की गुजारिश की. जेन स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि हम विभिन्न आतंकी समूहों के ईरान के समर्थन की निंदा करते हैं. उन्‍होंने कहा कि एक नया संघर्ष किसी के भी हित में नहीं होगा. ईरान को हिंसा और उकसावे की कार्रवाई से बचना चाहिए.


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