आप सब के स्नेह का , आप सब के प्यार का , आप सब के साथ का , आप सब के समर्थन का सहृदय , सादर धन्यवाद

धीरज , धर्म , मित्र अरु नारी .

आपद काल परखिये चारी … —- श्रीराम चरितमानस

( धैर्य , धर्म , मित्र और संगिनी की असली परीक्षा विपत्ति काल में ही की जाती है )

सम्भल के जेहादी मौलाना के बाद एक झूठे जनप्रतिनिधि से हुए धर्मयुद्ध में इस विजय को मैं सुरेश चव्हाणके आप सभी भाइयों , माताओं , मित्रों , बहनो को समर्पित करता हूँ .. आपने मेरा जिस भी रूप में , जिस भी प्रकार से साथ दिया मैं उसका सदा आभारी रहूंगा और आप के इस साथ ने मुझे एक नयी शक्ति , एक नयी ऊर्जा और एक नई दिशा प्रदान की है . शत्रु कितना भी बलशाली क्यों ना हो पर वो श्री रामचरित मानस की एक अन्य चौपाई — ” रावण रथी विरथ रघुवीरा” के सिद्धांत के आगे परास्त हो ही जाता है . आपके आशीष और हमारे पावन ग्रंथों की ये दैविक पंक्तियाँ मुझे सदा प्रेरणा और शक्ति देती रहीं . 

मैं आपको विश्वाश दिलाता हूँ कि विषम से विषम परिस्थिति में कभी भी धर्म मार्ग से बिना विचलित होते हुए समाज को हमेशा सच से ना सिर्फ चैनल के माध्यम से परिचित करवाता रहूँगा अपितु जहाँ कहीं भी अधर्म पनपने लगेगा वहां खुद भी जा कर धर्मस्थापना हेतु अपनी सीमाओं , अपने पुरुषार्थ , अपने संसाधनों से अन्याय का प्रतिकार करूंगा . आप सब के आशीष और स्नेह से अभिभूत —

आपका सुरेश चव्हाणके 

प्रधान सम्पादक – सुदर्शन न्यूज 

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