साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट के बाद भी आतंकी कहता एक वर्ग फिर आया एक मार्मिक स्टोरी बना कर केरल से गिरफ्तार दुर्दांत ISIS आतंकी की

कुछ दिन पहले अफजल गुरु के बेटे की मार्कशीट को ले कर मीडिया के कुछ वर्ग घूम रहे थे . उन्होंने इतना मार्मिक चित्रण किया भारत के उस दुर्दांत आतंकी के बेटे का कि कई लोगों के मन में उस आतंकी तक द्वारा दिए संस्कारों के प्रति सम्मान उठ गया था .. लेकिन मीडिया के उसी वर्ग की बात को खुद अफजल गुरु के बेटे ने ही काटा था और उनको ही बेनकाब करते हुए बाद में बताया था कि वो ऐसा अपने खुद के व्यक्तिगत फायदे के लिए कर रहा था और उसको भारत की न्यायप्रणाली पर ज़रा सा भी विश्वास नहीं है .

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इस बीच चुनाव लड़ने के लिए साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का नामांकन हुआ .. उनको कई जांच एजेंसियों द्वारा क्लीन चिट मिली है लेकिन उसके बाद भी उनके ऊपर राजनेताओं से ज्यादा मीडिया का वही वर्ग हमले कर रहा है जो अफजल को गुरु बनाने पर तुला हुआ था .. उनके खिलाफ लगातार तथ्यहीन , आधारहीन खबरों को चलाया जा रहा है.. उनकी बीमारी , उनके टार्चर और उनकी चीखों का मजाक उड़ाया गया जो आज भी जारी है .. लेकिन अब वही मीडिया आया है एक और नई मार्मिक स्टोरी बना कर आतंकी के परिवार वालों की.

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विदित हो कि इस से पहले भी लखनऊ पुलिस के हाथो मारे गये ISIS आतंकी सैफुल्लाह के अब्बा को देशभक्ति का सर्टिफिकेट देते है बाद में आतंकी का वही अब्बा पुलिस के ऊपर ही सवाल खड़े कर देता है.. अब कुछ वैसा ही हो रहा केरल से गिरफ्तार दुर्दांत ISIS आतंकी रियाज़ अबू बकर के साथ . NIA द्वारा ISIS लिंक में उसकी गिरफ्तारी होते ही मीडिया का वही वर्ग फौरन ही उसके अब्बा के पास पहुच गया और उसके अब्बा का एक बयान प्रमुखता से चलाना शुरू कर दिया कि अगर मेरा बेटा आतंकी है तो उसको सजा मिलनी चाहिए ..

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“अगर मेरा बेटा आतंकी है तो उसको सजा मिलनी चाहिए” . में ऐसी कौन सी देशभक्ति छिपी है ? आतंकी को सजा कानून बिना किसी भवनात्मक पहलू के संवैधानिक रूप से देता ही देता है . अब उसका अब्बा अपने बेटे की पैरवी सुप्रीम कोर्ट तक करेगा और उसके बाद अगर उसको सज़ा मिली तो वो उसकी सजा को स्वीकार करेगा .. क्या ये हास्यास्पद नहीं , क्या दिल्ली से जो NIA जान गई वो उस आतंकी का अब्बा अपने घर में बैठ कर नहीं जान पाया .. ऐसे में जबरन देशभक्ति दिखाने के लिए ऐसे बयानों को वायरल करना आखिर क्या प्रदर्शित करता है ?

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