इतिहास में अब तक भाजपा ही एक ऐसी पार्टी बनी जिस ने एक साथ 40 लाख वोटरों को नाराज करने की हिम्मत जुटाई.. जो असल में संदिग्ध हैं


वोट बैंक की इस राजनीति में जहाँ कईयों को उन बंगलादेशियो के साथ खड़े होते देखा गया जो भारत में ही रह कर भारत के खिलाफ ही आंतकवाद और अपराध जैसे न जाने कितने अपराधो में संलिप्त पाए गये तो एक उदाहरण भारतीय जनता पार्टी ने भी पेश किया है जिसने एक साथ इतिहास में पहली बार चालीस लाख वोटरों को एक प्रकार से नाराज करने का साहस किया है .. मात्र इस आधार पर कि देश में केवल देश के ही लोग रहें . न कि अनधिकृत और अवैध लोग .

ज्ञात हो कि भले ही विपक्ष लगातार हमले किये जा रहा है और इस भारत के राष्ट्रीय अस्मिता के इस मुद्दे को उसने हिन्दू मुसलमान का मुद्दा बना डाला है लेकिन उसके बाद भी भारतीय जनता पार्टी की दृढ़ता इस मामले में सराहनीय है . देश पहले ही जनसंख्या असंतुलन , गरीबी और आतंकवाद के साथ साथ घुसपैठ और बेरोजगारी जैसे मामलों से जूझ रहा है लेकिन इस मामले में इस प्रकार की राजनीति किसी भी भारतीय को पिछले कई वर्षों के इतिहास पर गौर करने के लिए मजबूर कर देगी . ये सम्भावित 40 लाख वो हैं जो भारत की जनता के टैक्स के पैसे से पल रहे थे और जिनका कुछ भी नहीं था यहाँ पर उन्होंने अपने मकान और जमीने आदि बनवा डाली हैं .. यकीनन उनके द्वारा प्रयोग की जा रही ये भूमि किसी उस भारतीय की थी जिसको उन्होंने पलायन आदि पर मजबूर कर के हथियाया रहा होगा . 

फिलहाल इस मामले में अदालत का आदेश ये है कि एनआरसी के संबंध में दावे और शिकायत देखने के लिए SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) बनाया जाए. कोर्ट ने कहा कि जिन लोगों का नाम असम एनआरसी में नहीं है उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, ये अभी सिर्फ ड्राफ्ट एनआरसी है. कोर्ट ने कहा कि लिस्ट से बाहर रखे गए लोगों को अपना दावा पेश करने का पूरा मौका मिलना चाहिए. इस मामले से भारतीय जनता पार्टी भी सहमत है लेकिन जिस प्रकार से संयत सरकार और सतर्क अदालत से पहले ही विपक्ष ने हंगामा मचाया है वो किसी को भी सोचने के लिए मजबूर कर देगा कि क्या कभी इतनी चिंता तिब्बत के बौद्धों की या कश्मीर के हिन्दुओ की हुई थी .

अभी कुछ दिन पहले ही असम दंगों की आग में झुलस रहा था . वहां पर बाहर से आये बंगलादेशियो ने बोडो पर भयानक हमले किये और कई के कत्ल किये लेकिन तब भी निभाए गये धर्मनिरपेक्षता के भारत में राजनेताओं द्वारा बनाए गये सिद्धांत . इसके साथ साथ वहां पर MULTA नाम का संगठन भी है जो बंगलादेशियो से भरा हुआ है और भारत को इस्लामिक राज्य बनाने के लिए सत्ता से संघर्ष कर रहा है .फिर भी ये सब कुछ जानते हुए कभी MULTA का नाम धर्मनिरपेक्ष राजनीति के चलते केवल बोडो आदि को बदनाम किया गया और असल दर्द छिपाए रहे .. यकीनन एक साथ 40 लाख वोटरों को नाराज करने के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा दिखाए गये साहस की प्रशसा होनी चाहिए .. खास कर उस समय जब चुनाव सर पर है और देश अगले वर्ष प्रधानमन्त्री पद के चुनाव फिर से देखेगा … *

*उपरोक्त विचार लेखक के स्वतंत्र विचार हैं ..

 


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