बंगलादेशी, रोहिग्या के बाद क्या दुर्दांत श्रीलंकाई मुसलमानों को भी झेल पायेगा भारत ? संयुक्त राष्ट्र तलाश में ऐसे देश की जो रख सके इन्हें

एक बार फिर से मंथन हो रहा है एक देश का, ठीक उसी अंदाज़ में जिस तरह से कुछ समय पहले म्यन्मार का हुआ था .. उस से भी पहले ईराक , सीरिया , यमन का हो चुका है जहाँ से निकले कुछ लोगों ने शरणार्थी बन कर यूरोप के कुछ देशों में शरण ली और तबाह कर दिया वहां की सुख और शांति की . आज सबसे खूबसूरत देशों में से एक फ्रांस में हर पल मौत का खतरा बना रहता है , सबसे शक्तिशाली देशो में से एक ब्रिटेन में हर पल हमले का साया ..

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इस बीच में वैसे ही हालत म्यन्मार में बने .. बौद्धों ने अपने ऊपर लगातार अत्याचार कर रहे रोहिंग्या को अपने देश से मजबूर हो कर भगाना शुरू कर दिया. रोहिंग्या ने उस समय तमाम फोटो फोटोशॉप बना कर निकाली जिसने दुनिया के विभिन्न कोनो में कथित रूप से सहानभूति की लहर दौड़ा दी और उन्होंने एशियाई देशो में घुसना शुरू कर दिया.. लेकिन उनके द्वारा घुसपैठ किये देशो में शुरू हुई हिंसा और अशांति .. भारत उन देशो में से एक है जिसमे एक प्रदेश जम्मू की तो जनसंख्या असंतुलन तक की नौबत आ गयी.

वर्षो से जमे बंगलादेशी भी भागे श्रीलंका से… संयुक्त राष्ट्र से बोले – “जिन्दा निकालो हमें”

भारत पहले से ही करोड़ों बंगलादेशियो के बोझ तले दबा हुआ है .. उन बंगलादेशियो का नाम तक कहीं नहीं है इसके चलते वो भारत की सुविधाओं का उपभोग भारत के टैक्स देने वाले लोगों के पैसों से कर रहे हैं और भारत के मूल निवासियों के संसाधनो पर हक जमाए हैं . बाद में इन्होने लाखों रोहिंग्याओ को भी अपने साथ घुला मिला लिया और फिर दिल्ली तक के कई ऐसे स्थान सामने आये जहाँ इनका उन्माद और आतंक सबने अपनी आँखों से देखा था .

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अब श्रीलंका में हुए विवाद के बाद वहां के मुसलमानों ने भागना शुरू कर दिया है . वहीँ के कुछ मुस्लिम संस्थाओ ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वो यहाँ से भाग रहे मुसलमानों के रहने के लिए कोई उपयुक्त स्थान देखे. अगर ऐसे स्थान का परीक्षण किया जाय तो वो स्थान जहाँ सेकुलरिज्म का बोलबाला हो और जो सबके लिए अपने दरवाजे खोल देता हो .. अब शंका यही जताई जा रही है कि बंगलादेशियो और रोहिग्याओं का आधार बना कर श्रीलंकाई मुसलमानों के लिए भी भारत में शरण मांगी जायेगी ..संयुक्त राष्ट के ही हस्तक्षेप से बंग्लादेशी और रोहिंग्या पूरे एशिया में और सीरियाई व् ईराकी पूरे यूरोप में फ़ैल चुके हैं .

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कुछ सूत्रों से आ रही जानकारी के अनुसार श्रीलंका में रहने वाले कई मुसलमानों ने चोरी छिपे भारत में घुसने के प्रयास शुरू भी कर दिए हैं . कुछ ने भारत के तटीय इलाको में शरण लेना भी शुरू कर दिया है . ये बाकी तमाम किसी सरकारी आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं.. अब सवाल उठता है कि भारत वाले कितना तैयार हैं इनको अपने देश में अतिरिक्त बोझ बनाने के लिए . इन तमाम मुद्दों पर पूरा विस्तार से प्रमाणों के साथ आज रात 8 बजे श्री सुरेश चव्हाणके जी लोकप्रिय कार्यक्रम बिंदास बोल में प्रकाश डालेंगे .. खुलासा होगा ऐसी साजिश का जो किसी के भी रोंगटे खड़े करने के लिए काफी होगी …

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