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सर्जिकल स्ट्राइक के महानायक को पाकिस्तान से नहीं बल्कि देश में ही झेलने पड़े थे तमाम शाब्दिक और राजनैतिक वार

ये वो समय था जब देश के अन्दर धूम मची थी और भारत की सेना के शौर्य को रूस और अमेरिका तक ने सर झुका कर सैल्यूट किया था .. तब कहीं दूर कोई शांत खड़ा हो कर इस घटना में सबसे आगे होने के बाद भी ख़ामोशी से सब देख रहा था तो वो थे आज अंतिम सांस लेने वाले मनोहर पर्रीकर जी . उस समय रक्षा मंत्री के पद पर इनको बैठाया गया था जब मोदी को लगा था कि पाकिस्तान को उसकी ही भाषा में जवाब देने वाला इस से बेहतर विकल्प कोई और नहीं हो सकता .

तब भारत की फौजें पाकिस्तान में घुसी थीं और वहां पर मौत के घाट उतार कर आ गयी थी उन दुर्दांत आतंकियों को जो भारत में घुसने के मंसूबे पाल कर भारत की सीमा के बाहर ही दफन हो गये थे . उस समय पाकिस्तान ख़ामोशी से सब होता देख रहा था लेकिन भारत के ही कुछ राजनेताओं ने न सिर्फ सेना के खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी बल्कि रक्षा मंत्री और प्रधानमन्त्री तक पर वार करना शुरू कर दिया था जिसके निशाने पर पर्रीकर भी आ गये थे .. आखिरकार उस समय उन्होंने दिया था एक बयान .

तब पर्रीकर ने राहुल गाँधी को निशाने पर लिया था..  29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान की सीमा में घुस कर भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक की प्रमाणिकता पर सवाल खड़ा करने को लेकर कांग्रेस के नेतृव में हमला बोलते विपक्ष को तब आड़े हाथों लेते हुए तत्कालीन रक्षा मंत्री व गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा था कि क्या कांग्रेस तब सर्जिकल स्ट्राइक पर विश्वास करती, जब सेना कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी को अपने साथ मिशन पर ले जाती ?

आख़िरकार अब वही आवाज अब खामोश हो गयी है . पैंक्रियाज से संबंधित बीमारी से लंबे समय से जूझ रहे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन हो गया है। वह लंबे समय से अपनी बीमारी का इलाज करा रहे थे। 13 दिसंबर 1955 को पैदा हुए पर्रिकर गोवा में बीजेपी के दिग्गज नेता थे। उनके नाम कई उपलब्धियां हैं। वह ना सिर्फ बीजेपी से गोवा के मुख्यमंत्री बनने वाले पहले नेता हैं बल्कि मोदी सरकार में रक्षा मंत्री का पद भी संभाला। उन्हीं के कार्यकाल में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी।

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