भारत के 6 प्रदेशों में हिन्दू हो चुके हैं अल्पसंख्यक.. जानिए वहां किस से कम हुआ हिन्दू और क्यों ?


राष्ट्रनिर्माण संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुरेश चव्हाणके जी ने जिस जनसँख्या नियंत्रण कानून का बीड़ा उठाया था उसकी इस राष्ट्र को कितनी जरूरत है उसको बताएंगे ये तमाम आंकड़े जो ये साबित कर रहे हैं कि संसार मे हिंदुओं के बचे लगभग एकमात्र सबल देश हिंदुस्थान में हिन्दू समाज का भविष्य क्या है..यदि यही आंकड़ा जारी रहा आगे भी तो जल्द ही अभी 6 प्रदेशों की संख्या बढ़ कर और भी ज्यादा होने वाली है..जानिए वो सभी प्रदेश जहां हिन्दू समाज संघर्ष कर रहा अपने अस्तित्व के लिए और हो चुका है अल्पसंख्यक..

 

1- जम्मू कश्मीर – इस पूरे राज्य में हिंदुओं के खिलाफ नरसंहार किया गया और उन्हें जबरन वहां से भागने पर मजबूर कर दिया गया..यदि वहां से भाग कर  दर दर की ठोकरें खा रहे हिंदुओं की आबादी भी जोड़ी जाय तो वर्ष 2011की जनगणना में वहां पर मात्र 28 % हिन्दू रह गए हैं जिसका अधिकांश भाग जम्मू के हिन्दुओ से आता है जो रोहिग्या के चलते अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं..पाकिस्तान द्वारा जबरन कब्जाए कश्मीर में कभी हिन्दू बहुतायत हुआ करते थे लेकिन उनका कत्लेआम कर के व उनको मतांतरित करवाने के बाद अब वहां हिन्दुओ की संख्या 0 है ..

2- मेघालय –

अंतिम जनगणना के अनुसार पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में हिंदुओं की संख्या मात्र 11 % बची है..यहां पर ईसाई मिशनरियां बेहद सक्रिय हैं और उसके चलते ही यहां पर लगभग 75% ईसाई हो चुके हैं जिसमें अधिकांश पहले हिन्दू थे जिनको मतांतरित किया गया है ..

3- अरुणाचल प्रदेश –

पिछली सरकारों की कुछ नीतियों के चलते चीन के संभावित हमला करने के भारतीय प्रदेश अरुणाचल प्रदेश में भी हिन्दू अल्पसंख्यक हो चुका है..अंतिम जनगणना के अनुसार इस प्रदेश में हिंदुओं की आबादी मात्र 29 % रह गयी है जबकि कभी ये प्रदेश सनातनियो की बहुलता के लिए विख्यात था..यहां पर भी ईसाई बहुतायत हो चुके हैं और उनकी संख्या 31% के आस पास आ चुकी है ..इस प्रदेश में भी हिन्दू तमाम साजिशों से घिर कर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है ..

 

4- मणिपुर –

पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर में भी हिन्दू गिनती में दूसरे नम्बर पर खिसक गया है.. हिन्दू समाज यहां पर न सिर्फ ईसाई धर्मान्तरण का शिकार हो रहा है बल्कि वो रोहिंग्या घुसपैठ से भी बुरी तरह से जूझ रहा है .. अंतिम जनगणना में मणिपुर में हिन्दू 41 % रह गया था और यहां पर ईसाई 42 % के साथ पहले नम्बर पर थे..यहां घुसपैठियों की संख्या गिनी नही गई अन्यथा यहां पर मुस्लिमों की तादात भी तेजी से बढ़ी बताई जा रही है .

 

5 – नागालैंड –

कभी हिन्दू बहुलता और भारतीय संस्कृति के लिए संसार भर में प्रसिद्ध नागालैंड में हिन्दू लगभग समाप्ति की तरफ बढ़ता दिख रहा है ..कभी बेहद शांत और रमणीक रहा नागालैंड आज के समय मे हिन्दुओ के घटते ही नागा चरमपंथियों के हमले का लगातार शिकार हो रहा है जिसको रोकने में हमारी सेना के कई वीरो ने बलिदान भी दिया..इन्ही नगाओं के चरमपंथ के चलते ही भारतीय फौज को सीमा पार कर के म्यंमार में सर्जिकल स्ट्राइक भी करनी पड़ी थी ..आज इस प्रदेश में अंतिम जनगणना के बाद हिंदुओं का प्रतिशत मात्र 8 रह गया है जबकि यहां पर ईसाइयत लगभग 88% तक पहुच गयी है ..

 

6- लक्ष्यदीप-

यदि इस नाम से आपको केंद्र शासित इस प्रदेश के हिन्दू बहुत होने का एहसास हो रहा हो तो आप गलत साबित होंगे..ये प्रदेश हिन्दू बहुल नही बल्कि इस्लाम बहुल हो चुका है..अंतिम जनगणना अर्थात 2011 के अनुसार यहां पर हिन्दू मात्र 3 % रह गया है जबकि इस्लाम इस जगह पर लगभग 96 % हो चुका.. यहां पर हिन्दुओ की तेजी से घटी आबादी की वजह उनका पलायन भी है जो उनकी संख्या कम होते ही वो जगह छोड कर चले गए..इसके अतिरिक्त धर्मान्तरण भी एक बड़ी वजह रही है इस प्रदेश के लगभग हिन्दू विहीन होने के पीछे…

 

 


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