“गिरफ़्तार होकर हाथ बांध बंदरिया का नाच मुझे नहीं नाचना, 8 गोली पिस्तौल में हैं और 8 मैगजीन में. 15 दुश्मन पर चलाऊंगा और सोलहवीं यहाँ, मेरे मस्तक पर- ये थे अपने आज़ाद

**** गिरफ़्तार होकर अदालत में हाथ बांध बंदरिया का नाच मुझे नहीं नाचना है। आठ गोली पिस्तौल में हैं और आठ का दूसरा मैगजीन है। पन्द्रह दुश्मन पर चलाऊंगा और सोलहवीं यहाँ मेरे मस्तक पर **** भारत माँ की मुक्ति के लिए आज़ादी के महायज्ञ में स्वाहा हुए युवाओं के सबसे बड़े आदर्श, आज़ादी की नींव के सबसे बड़े पत्थर महानतम बलिदानी चंद्रशेखर आज़ाद जी को आज उनके जन्म दिवस पर सुदर्शन न्यूज की तरफ से शत शत नमन .. 

आपको बता दें कि चंद्रशेखर आजाद को इतिहास के पन्नों में उचित जगह नहीं मिली, उनके बलिदान के बाद उनके घर वालों की सुध तक नहीं ली गयी, उन्हें मंच से सार्वजनिक रूप से आतंकी बोला गया और ऐसा बोलने वाले इस बार चुनाव लड़ रहे, यकीनन उनकी मुखबिरी की गई क्योंकि जिसकी एक फोटो तक ब्रिटिश सरकार के पास ना हो उसे अचानक घेर कैसे लिया गया, वो भी पूरी तैयारी के साथ ..

घेरने वालों में अंग्रेजों से ज्यादा हिंदुस्तानी सिपाही थे, उन्हें घेर कर वीरगति पर मजबूर कर देने वाले अंग्रेज अफ़सर नॉट बावर के नाम के आगे आज भी इलाहाबाद संग्रहालय में “सर” लिखा गया है, उनकी इलाहाबाद रसूलाबाद घाट स्थित दाह अंत्येष्ठि स्थल आज भी जर्जर हो कर धूल खा रही जहाँ शाम को जुआ आदि खेला जाता है और फिर भी नारा गूंजता है — “दे दी हमें आज़ादी बिना खड्ग बिना ढाल “। गत  वर्ष सुदर्शन परिवार सक्रिय रूप से शामिल रहा जर्जर होती इस महावीर की दाह अंत्येष्ठि स्थल के जीर्णोद्धार में, सुदर्शन न्यूज का संकल्प है ऐसे परमवीरों को इतिहास में सर्वोच्च स्थान दिलाने का। आप सब साथ दें, सांस्कृतिक आज़ादी की इस लड़ाई में।

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