सिर्फ सुदर्शन न्यूज जिस सत्य पर पहले दिन से अड़ा रहा वो अब साबित हुआ अदालत में

उस समय भी कईयों ने धर्मनिरपेक्षता के नाम पर और कईयों ने भाईचारे के नाम पर हमें कटघरे में खड़ा करने की कोशिस की गयी लेकिन हम अपने सिद्धांतो और सत्य के साथ अटलता से खड़े रहे और आख़िरकार हमने अपने अथक प्रयासों को तब तक जारी रखा जब तक कि सच सामने आ नही गया . ये वो लड़ाई थी जिसमे विपक्षी बहुत ज्यादा मजबूत था और सत्य के साथ सीमित संसाधन लेकिन अंततः जीत सत्य की हुई जो सदियों से होता आ रहा है .

स्वामी असीमानंद जी के खिलाफ भी तथाकथित सेकुलर समाज , मीडिया का वो खास वर्ग ठीक वैसे ही टूटा था जैसे आज वो कठुआ के केस में सिर्फ पुलिस की शुरुआती जांच के आधार पर कूद पडा है . इस पूरी घटना में सबसे खास बात ये रही है कि इनके रिहा होने के बाद एक बार भी प्रयाश्चित जैसी कोई चीज उनके चेहरों पर नही दिख रही है और उन्होंने तलाश लिया है एक नया शिकार .. भगवा आतंकवाद मामले में न सिर्फ असीमानंद जी अपितु उनके साथ फंसाए गये सभी लगातार चिल्लाते रहे कि वो निर्दोष हैं लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गयी और हद से ज्यादा पुलिसिया प्रताड़ना दी गयी

सबसे हैरानी की बात ये है कि गद्दारी का पर्याय बने ओवैसी के दोनों भाई इस मामले में सबसे ज्यादा चीखे थे और उनकी चीख को सच मान लिया गया था मीडिया के उस वर्ग द्वारा जो असीमानंद जी को आतंकी और गद्दार ओवैसी को रोबिन हुड बोलते हैं . कुछ ऐसे ही हाल अब कठुआ में चल रहा है . इसमें भी जज , मुअक्किल अब मीडिया निभा रही है , यकीनन ये सब कुछ पीड़ित भूलने वाले नहीं हैं ख़ास कर तब जब उनका परिवार बार बार न्याय के लिए और सीबीआई जांच के लिए चीख रहा है . यद्दपि मालेगांव , मक्का मस्जिद की तरह ही सुदर्शन न्यूज कठुआ की दबी आवाज को उठाता रहेगा भले ही इस न्याय पथ में उसको कोई भी दिक्कत क्यों न झेलनी पड़े .. स्वामी असीमानंद जी को उनके भविष्य के लिए बारम्बार शुभकामना और राष्ट्र के साथ धर्म की रक्षा में उनके सदा सहयोग की अपेक्षा के संग –

आपका –

सुरेश चव्हाणके

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