पुण्यतिथि विशेषांक- धर्मरक्षक “महाराणा प्रताप महान” तक ने कभी “हिंदुओं” को सतर्क किया था आज के जहर #LoveJihad से. जानिए क्या थी उनकी चेतावनी ?

“मैं आप सबसे कहना चाहता हूँ कि कुछ भी करना लेकिन मुगलों पर भरोसा मत करना. ये मुग़ल वो लोग हैं जो पहले हमसे मित्रता का हाथ बढाते हैं फिर उसके बाद हमारे घर की स्त्रियों पर बुरी नजर रखते हैं, अतः आप सबको अगर अपनी इज्जत, अपना स्वाभिमान, अपनी मर्यादा प्यारी है तो मुगलों से मित्रता को लेकर सतर्क रहें”- ये शब्द उस महानतम व्यक्तित्व के हैं, उस प्रतापी महाबली हिन्दू योद्धा वीर महाराणा प्रताप सिंह के हैं जो अपने धर्म की रक्षा की खातिर, अपनी सनातनी सभ्यता की खातिर, अपने स्वाभिमान की खातिर जंगल-2 भटकते रहे, जिन्होंने घास की रोटियां खाईं लेकिन कभी मुगलों की दासता स्वीकार नहीं की, कभी मुगलों के आगे झुके नहीं.

आज देश में हिन्दू समाज के विरूद्ध जो सबसे बड़ा अभियान चलाया जा रहा है वो है लव जिहाद. लव जिहाद एक अंतर्गत एक साजिश के तहत मुस्लिम समुदाय के लडके हिन्दू लडकियों को प्रेमजाल में फंसाते हैं तथा उसके बाद उन्हें प्रताड़ित करते हैं. कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिसमें हिन्दू लडकियों को फंसाया गया था उसके बाद उनकी जिंदगी को नरक बना दिया गया. हिन्दुओं के लिए आज का सबसे बड़ा जहर

लव जिहाद वघ के खिलाफ वीर महाराणा प्रताप ने पहले ही हिन्दुओं को सतर्क कर दिया था कि मुगलों से मित्रता करते समय सतर्क रहना क्योंकि इनकी नजर तुम्हारे घर की स्त्रियों पर रहती है. अगर हिन्दू समाज ने वीर वीर महाराणा प्रताप की इस बात को माना होता तो शायद आज हिंदू समाज इस लव जिहाद नमक बीमारी से मुक्त होता, तथा शर्मिंदगी न उठानी पडती.

हिन्दू कुल भूषण, वीरता, शौर्य, पराक्रम, स्वाभिमान की अमर प्रतिमूर्ति महाराणा प्रताप को निश्चित रूप से आज भारत वर्ष का बच्चा-बच्चा जानता है. वही महाराणा प्रताप जिनसे कुछ इतिहासकारों का महान अकबर भी थरथर कांपा करता था. अकबर को कई बार ऐसा डर सताता था कि कहीं उसके राज्य में अचानक से ही महाराणा प्रताप ना आ जाए क्योंकि अगर वह एक बार आया तो सब तबाह कर जाएगा. महाराणा प्रताप ने भगवान एकलिंग जी की कसम खाई थी कि जिंदगी भर उनके मुख से अकबर के लिए सिर्फ तुर्क ही निकलेगा और वे कभी अकबर को अपना बादशाह नहीं मानेंगे. अकबर ने उन्हें समझाने के लिए चार बार शांति दूतों को अपना संदेश भेजा था लेकिन महाराणा प्रताप ने अकबर की हर प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया था.

 

हिन्दू स्वाभिमान की खातिर घास की रोटियां खाने वाले महाराणा प्रताप का प्रण था की भगवा सूर्य बाप्पा रावल का वंशज, अपने गुरु, भगवान, और अपने माता-पिता को छोड़कर किसी के आगे शीश नहीं झुकाएगा. महाराणा अपनी सारी जिंदगी अपने दृढ़ संकल्प पर अटल रहे तथा मुगल आक्रान्ता अकबर को हमेशा ही मुगल हमलावर, तुर्क कहकर ही संवोधित करते रहे. महाराणा प्रताप ऐसा बोला करते थे कि अकबर एक तुर्क है और हमेशा एक तुर्क ही रहेगा, मुग़ल पहले हमारे साथ मित्रता का हाथ बढ़ाते हैं फिर अपनी बुरी दृष्टी हमारे घर की स्त्रियों पर डालते है”, और ये हम सभी भी जानते है की उनका सोचना बिलकुल सही है. वीर महाराणा प्रताप ने कहा कि वह मिट जायेंगे, मार जायेंगे लेकिन हिंदुत्व की भगवा पताका को अपने जीते जी झुकने नहीं देंगे. उन्होंने कहा था कि हमारा हिन्दू धर्म जैसा है वैसा ही रहेगा, हमारा भारतवर्ष देश जैसा है वैसा ही रहेगा, पर एक दिन ऐसा आएगा की हमारी इस पवित्र भूमि से मुगलों का नामोनिशान मिट जायेगा.

मुगलों का काम ही भारत की स्त्रियों पर गन्दी निगाह डालना होता था और महाराणा प्रताप की वाणी से भी कुछ यही झलका था और इसीलिए महाराणा प्रताप ने अकबर से दोस्ती नहीं की थी. किन्तु आज भी हिन्दुओं की बेटी पर स्त्रियों के साथ कौन क्या कर रहा है इसका उदाहरण तो खुद लव जिहाद से समय-समय पर सामने आ ही रहा है. महाराणा प्रताप की मुगलों को लेकर कही बातें उन छद्म सेक्यूलर हिन्दुओं को एक आईना है जो कहते हैं कि लव जिहाद कुछ नहीं होता है. हिंदुओ! आपको समझ आ जाना चाहिए कि जो महाराणा प्रताप अपने धर्म की खातिर मुगलों के खिलाफ मिटते रहे, लड़ते रहे लेकिन उनसे समझौता न कियां उनके आगे झुके नहीं, अतः आप ऐसा कुछ मत कीजिये कि हमारे ये महान पूर्वज हम पर शर्मिन्दा हों कि जिस धर्म को बचाने के लिए, जिस भगवा के लिए उन्होंने आजीवन संघर्ष किया, अपने प्राणों का बलिदान कर दिया, आज उनकी पीड़ी उस धर्म के लिए खड़ी तक न हो पा रही है बल्कि सनातन विरोधियों के साथ गलबहियां खेल रही है.

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