Zomato ठीक वही कर रही थी जिसके चलते कभी मंगल पाण्डेय ने अंग्रजो के खिलाफ उठा लिया था हथियार

इतिहास खुद से खुद को दोहराता है इसको आपने केवल सुना भर रहा होगा लेकिन जो कुछ भी अब सामने आ रहा उसको देख कर कोई भी ये कह सकता है कि हाँ वर्तमान में इतिहास खुद को दोहरा है . कभी आज़ादी के पहले महायुद्ध की नीव में जो कुछ भी था वही अब निकला है ऑनलाइन खाना के लिए बदनाम होती जा रही कम्पनी zomato के साथ में .. zomato कम्पनी के खिलाफ पश्चिम बंगाल में उसके ही कर्मचारियों ने ही जिस प्रकार से मोर्चा खोल दिया है उसको जान कर हर कोई हैरान है .

कभी मंगल पाण्डेय को पता चला था कि अंग्रेजो ने कारतूस में गाय और सूअर की चर्बी मिला रखी है . ये खबर पूरी बटालियन में फ़ैल गई थी और मंगल पाण्डेय के साथ तमाम मुस्लिमो को भी पता चला था कि उनके कारतूस में सूअर की चर्बी मिलाई गई है .. लेकिन इसमें जंग लड़ने और इसको खुले तौर पर नकारने के लिए आये तो सिर्फ मंगल पाण्डेय और उनके साथ ईश्वरी पाण्डेय .. यहाँ पर भी एक पल्टू शेख की गद्दारी सामने आती है जिसने अंग्रेजो का साथ दिया बाद में और गवाही दी मंगल पाण्डेय के खिलाफ .. जबकि उसको खुद सूअर की चर्बी वाला कारतूस दांत से खींचना पड़ता था .

इसी राह पर चल निकली है वर्तमान समय में zomato नाम की ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी वाली कम्पनी . ये सावन के महीने में किसी हिन्दू को जबरन मुस्लिम के हाथो से खाना लेने की बात करती है और न लेने पर पैसे वापस न करने को कहती है .. शुरू में राजबब्बर और कश्मीर से समर्थन आया तो ये कंपनी और भी आगे बढ़ गई और बाद में सूअर का मांस मुसलमानो के हाथो से जबरन भेजने लगी .. मुसलमान डिलीवरी स्टाफ जब मना करता था तब उसकी सैलरी काट ली जाती थी .

इस खबर के सामने आने के बाद हावड़ा में विरोध शुरू हो गया है . सुदर्शन न्यूज तब भी सत्य के साथ खड़ा था जब इस कंपनी पर आरोप अमित शुक्ल ने लगाया था और तब भी सत्य के ही साथ है जब अब इस कंपनी पर आरोप मोहसिन ने लगाया है .. यहाँ वो चेहरे जरूर बेनकाब हुए हैं जो नाम और मत मजहब देख कर किसी का समर्थन और विरोध किया करते हैं . zomato के द्वारा सूअर का मांस बेचने और उसको मुसलमान स्टाफ के द्वारा भिजवाने की खबर के बाद मुस्लिम समुदाय भी हैरान है ..


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