जयपुर के इन्डियन आयल मार्केटिंग मैनेजर सिराजुद्दीन से ले कर इंदौर का मजदूर जहिरुल तक निकले आतंकी..

कुछ नेताओं ने कहा कि आतंक का कारण गरीबी है , कुछ ने कहा अशिक्षा है , कुछ ने तो यहाँ तक कहा श्रीराम मन्दिर का आन्दोलन है लेकिन जब एक के बाद आतंकी हरकतें सामने आने लगी तो ये सामने आया कि आतंकवाद से प्रभावित न सिर्फ हर वर्ग है बल्कि आतंकवाद फैलाने और लोगों की जान लेने का संक्रमण लगभग हर वर्ग में है . वो आतंकी मजदूर भी निकल सकता है और कोई बहुत पढ़ा लिखा बड़े पद पर बैठा कोई अधिकारी भी ..

अभी कुछ समय पहले की बात है . राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बहुत बड़े पॅकेज पर काम करने वाला सिराजुद्दीन हर किसी को चौका दिया. वो देश की अतिपप्रतिष्ठित इन्डियन आयल में मार्केटिंग मैनेजर था . उसके साथ काम करने वाले भी उसको नहीं भांप पाए थे वो कौन है ..उसको बाकी सब अपनी तरह से अपने परिवार और अपनी नौकरी तक सीमित रहने वाला समझते थे लेकिन वो जो निकला था वो किसी के लिए एक झटके से कम किसी भी हालत में नहीं था .

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एटीएस एवं एसओजी) डॉ आलोक त्रिपाठी ने उस समय बताया था कि गिरफ्तार आतंकी मोहम्मद सिराजुद्दीन का आईएस के सक्रिय सदस्यों के साथ दोतरफा संपर्क था। वह आईएस के विदेश में मौजूद महत्वपूर्ण सदस्यों से ऑनलाइन बातचीत करता था। वह आईएस के लिए भारत सहित कई देशों से लोगों की ऑनलाइन भर्ती करवाता था। बेहद शातिर था सिराजुद्दीन इसीलिए उसकी सारी गतिविधियां ऑनलाइन और सोशल मीडिया के जरिये होती थीं।

इतना ही नहीं केरल से अफगानिस्तान जा कर आतंकी बनने और ISIS के खोरासन को खड़ा करने के लिए गये कई आतंकी इंजिनयरिंग की डिग्री धारक थे . उनके घर में किसी पारकर की कोई कमी नहीं थी . वो संपन्न थे .. अब इंदौर से जब एक मजदूर जहीरुल भी आतंकी निकला जो लोगों के घर मजदूरी करने जाया करता था तो हर कोई हैरान और परेशान है कि आखिर अब किस पर किस अंदाज़ में विश्वास किया जाय और आने वाले समय में zomato जैसी घटनाए और न हों इसमें संदेश व्यक्त किया जा रहा है .


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