Breaking News:

अभिनंदन के ऊपर टूट पड़े पाकिस्तान के नागरिक ही.. कुछ देशो में खिलाई जाती है बिरयानी और लड़े जाते हैं मुकदमे

एक वो देश जहाँ कैमरे के आगे आतंक फैलाते और हत्या करते आतंकी को पहले पुलिस गिरफ्तार करती है , फिर वहां का मानवाधिकार बाकायदा इत्मीनान से उस आतंकी से सवाल करता है कि कहीं पुलिस ने तुमको ज्यादा परेशान तो नहीं किया .. अगर वो झूठ भी बोल देता है तो पुलिस के ऊपर ही केस चलने लगता है .. फिर उसको बाकायदा जेल भेजा जता है जहाँ उसकी सुख सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाता है और फिर अदालत तक में उसको अधिकार होता है अपने हर दर्द बयान करने का .

इतना ही नहीं बुद्धिजीवी वर्ग में से कुछ निकल कर सामने आ जाते हैं और उस आतंकी का केस तक लड़ने लगते हैं . कुछ तो किताब आदि लांच कर के उस आतंकी द्वारा किया गया नरसंहार किसी और के द्वारा किये जाने की किताबें आदि विमोचित करना शुरू कर देते हैं . यहाँ तक कि उस संगठन को जो उस देश के लिए दिन रात प्रयास कर रहा होता है विकसित बनाने के लिए . ये वो देश है जहाँ सेकुलर शक्तियाँ हावी रहती हैं . इतना ही नहीं कैदियों को बिरयानी तक पेश किये जाने की खबरे आती रहती हैं .

लेकिन वहीँ एक अन्य देश, जो सेकुलर होने के बजाय इस्लामिक मुल्क है . वहां पर एक पायलट जहाज से जब गिरता है तो उसके चेहरे पर एक खरोच तक नहीं लगी होती है . फिर वहां के सैनिको से पहले वहां के आम नागरिक पहुच जाते हैं और उसको इतना मारते हैं कि उसके चेहरे से रक्त की धार निकलने लगती है . उसको उसके देश का नाम ले कर पीटा जाता है . दुश्मन देश का सैनिक पहुचने से पहले ही उसके चेहरे को विकृत कर दिया जाता है . और सब खामोश रहते हैं , किसी के ऊपर वहां के मानवाधिकार का एक शब्द नहीं आता , वहां का सेकुलर वर्ग खामोश रहता है और दुश्मन देश में उस देश के पैरोकार भी चुप रहते हैं . मानवता की दुहाई भी कोई नहीं देता और विंग कमांडर के चेहरे से लहू की धर बहती रहती है . यकीनन मानवता और सेकुलरिज्म की जिम्मेदारी २ नहीं बल्कि एक ही कंधे पर दिख रही है .. वो अकेला कंधा कब तक उस बोझ को उठा पायेगा ये भविष्य तय करेगा .

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने हेतु हमे आर्थिक सहयोग करे. DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW