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यदि सच का हिंदुत्व है तो राहुल गाँधी मन्दिर से पहले गोधरा की ट्रेन में बलिदान हुए 59 कारसेवकों की चौखट पर मत्था टेकें – सुरेश चव्हाणके

गुजरात चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के लिए राजनीतिक पार्टियां मंगलवार को चुनाव प्रचार के आखिरी दिन पूरे दमखम से जुट गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज गुजरात के जगन्नाथ मंदिर पहुंच गए है। वहां वे भगवान जगन्नाथजी की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इसके बाद वे पार्टी नेताओं से भी मिलेंगे। अहमदाबाद में दोपहर 1 बजे वे प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष बनने व गुजरात चुनाव के लिए कैंपेनिंग के दौरान मीडिया के साथ उनकी पहली वार्ता होगी।

सुखद है की कभी खोज खोज कर सिर्फ इफ्तारी की पार्टियां करने वाले अब जनेऊ दिखा रहे हैं . टीका लगा कर घूम रहे हैं लेकिन अभी इतना ही काफी नहीं है क्योंकि इनके दोहरे चरित्र अन्य प्रदेशों में दिख रहे हैं जहाँ कहीं जोरों से धर्मान्तरण चल रहा है और कहीं पर हिन्दुओं की शोभायात्रा निकालने पर रोक लगाईं जा रही है . यद्दपि जनता सब शान्ति से इसे देख रही है जिसको वो चुनावों में प्रकट भी करती है.
जहाँ तक मेरा मानना है की यदि राहुल गाँधी सच में हिन्दुओं के दिल में जरा सा भी स्थान बनाना चाह रहे हैं तो उनको मन्दिरों से पहले गोधरा के उन 59 बलिदानियों के घर जरूर जाना चाहिए जिनको ट्रेन में बंद कर के जला कर राख कर दिया गया था . अफ़सोस कांग्रेस की तरफ से उस समय उसके बाद हुई प्रतिक्रिया का बयान आता रहा लेकिन एक भी बार इस कुकृत्य को करने वालों के खिलाफ बोलना भी ठीक नहीं समझा गया . उस जेहादी भीड़ पर अभी राहुल गाँधी का बयान उधार है जो उस ट्रेन को घेर कर इसलिए रखी थी की यदि कोई जिन्दा जलने से बच जाए तो उसको खंजर से काट डाला जाय . .
अभी भी वो 59 परिवार न्याय की आशा में बैठे हैं जिनके लिए राहुल गाँधी का मात्र एक भी बयान भी उधार है . राहुल गाँधी कृपया मन्दिरों से पहले उन परिवारों की चौखट पर मत्था टेकें और उस जिहादी भीड़ के एक एक आक्रान्ता को फांसी दिलाने का संकल्प लें जिन्होंने प्रभु श्रीराम का भजन करते आ रहे 59 कारसेवकों को बिना उनकी उम्र और श्रेणी देखे जला डाला था जबकि यात्रा करते से ले कर बलिदान होते  समय उनकी जुबान पर सिर्फ राम राम था . . वरना राहुल गाँधी जी इतना विश्वास रखिये कि इन चीजो और दिखावो से कोई खास लाभ नहीं मिलने वाला . 
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