इस्लामिक मुल्क बंगलादेश में तडपा तडपा कर मार डाला गया एक और हिन्दू चंदन कुमार घोष… हत्यारे का नाम रहमान

एक और व्यक्ति एक इस्लामिक मुल्क में तड़पा तड़पा कर मार डाला गया है . उसका दोष ज्यादा नहीं बस इतना था की वो एक हिन्दू था . धर्मनिरपेक्षता की सीमायें भारत से बाहर जाते ही दम तोड़ देती हैं .. वो लच्छेदार बातें और वो भाईचारे की चर्चा क्या भारत के बाहर मात्र एक मज़ाक जैसी हैं . क्या सच में किसी इस्लामिक मुल्क में किसी हिन्दू या गैर मज़हबी को जीने का अधिकार नहीं है.. सवाल ये भी उठ रहा है की अपने रास्ते अपने कार्य को करने वाला हिन्दू क्यों बनता है उन तमाम मज़हबी कट्टरपंथियो का निशाना जो बाकी कई जगहों पर अपने लिए चाहते हैं मान और सम्मान .. .. 

विदित हो की इस्लामिक मुल्क बांग्लादेश में जेसूर जिले के कोटवाली पुलिस थाना अधिकारक्षेत्र के बसेपरा में महंमद हसिबूर रेहमान एवं उसके अन्य ३ धर्मांध साथियों ने मिलकर हिन्दू सरकारी कर्मचारी चंदनकुमार घोष की बेरहमी से हत्या की । बांग्लादेश का हिन्दू संगठन बांग्लादेश माईनॉरिटी वॉचद्वारा इस हत्या प्रकरण के अपराधियों के विरोध में कठोर कार्रवाई की मांग की गई है । चंदनकुमार घोष लेखापरीक्षक (ऑडिटर)के रूप में ढाका में सरकारी सेवा में कार्यरत थे । वे २० जून को साईकल रिक्शा में ढाका से बसेपरा गांव, अपने घर जा रहे थे । उन्हें नहीं पता था की वो उनकी अंतिम यात्रा बनने वाली है . 

तब महंमद हसिबूर रेहमान एवं उसके ३ मुसलमान साथियों ने मिलकर सडक पर ही छुरा भोंपकर उनकी हत्या की और उनकी बटुआ एवं भ्रमणभाष लुट लिया ।  इस हत्या प्रकरण में महंमद हसिबूर रेहमान को बंदी बनाया गया है । उसे जेसूर न्यायदंडाधिकारी के सामने उपस्थित करनेपर उसने हत्या के अपराध की स्वीकृति दे दी है । पुलिसकर्मियों ने इस हत्या प्रकरण में उसके ३ अन्य सहयोगियों के सहभाग की भी पुष्टि की है । फिलहाल इस मामले में बंगलादेश में कोई भी मानवाधिकारवादी या तथाकथित बुद्धिजीवी एक भी शब्द बोलने के लिए तैयार नहीं हो रहा है और सब मामले को टालने की कोशिश करते दिखे .. 

इस हत्या की जानकारी मिलते ही बांग्लादेश माईनॉरिटी वॉच के अध्यक्ष अधिवक्ता श्री. रवींद्र घोष ने कोटवाली पुलिस थाने में भेंट दे कर वहां के अधिकारियों के साथ चर्चा की एवं इस प्रकरण का अन्वेषण कर सभी अपराधियों को तुरंत बंदी बनाने की मांग की ।  अधिवक्ता श्री.रवींद्र घोष ने मृत चंदनकुमार घोष के परिवार से भेंट की । अधिवक्ता श्री. घोष ने इस दुखी परिवार को सांत्वना धनराशि देने की एवं मृत व्यक्ति की पत्नी और उनके बच्चों को सरकारी नौकरी देने की मांग की है ! इस मुद्दे पर भारत के विदेश मंत्रालय में भी चुप्पी छाई रही जिसके चलते इस्लामिक मुल्कों में हिन्दुओं के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है . 

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