अपनी बहू को बिस्तर पर पाने के लिए अपनी औलाद को अब्बा ने ही बना दिया नपुंसक … इतिहास में न ऐसा हुआ था , शायद न ऐसा हो

ससुर के लिए बहू बेटी के समान होती है लेकिन क्या हो जब ससुर ही बहू की अस्मिता को लूटने का प्रयास करे? एक मुस्लिम व्यक्ति अपनी भूख में सब कुछ भूल गया तथा अपने बेटे की पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मानवता को तार तार कर दिया. अब्बू ने अपने बेटे को नपुंसक करने की दवा पिलाई ताकि उसकी पत्नी उससे दूर हो सके और वह उसके साथ शारीरिक संबंद बना सके. ये ऐसा ऐसी घटना है जो इतिहास में न आज तक हुई है और शायद न कभी होगी जब एक बाप ही अपने बेटे को नपुंसक करने की दवा डी तथा फिर उसकी पत्नी का शारीरिक शोषण किया.

खबर के मुताबिक ताजा मामला बहेड़ी गाँव से जुदा हुआ है जहाँ मर्यादा को तार-तार करने वाला मामला परिवार परामर्श केंद्र में बुधवार को पहुंचाता है, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान की हैरान रह गयी. ये पूरा मामला मुस्लिम परिवार से जुड़ा हुआ है. इस मामले में ससुर की नियत अपनी बहू के ऊपर ही खराब हो गई. अपनी बहू को अपने वश में करने के लिए मुस्लिम व्यक्ति ने अपने ही बेटे को ऐसी दवाई देना शुरू की जिससे उसकी मर्दानगी कम होने लगे तथा उसके बाद उसने जबरन अपनी बहू को अपनी हवस का शिकार बनाया.

हिम्मत जुटाकर पीडिता ने अपने साथ हुए दुष्कर्म तथा अत्याचार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. बताया गया है कि मामले की सुनवाई परिवार परामर्श केंद्र में इस मामले की सुनवाई की जा रही है लेकिन ये पूरा मामला शरई ऐतबार पर अटक चुका है। दरअसल ऐसा इसलिए क्योंकि अपने ही ससुर के दुष्कर्म का शिकार हुई महिला निकाह में अब नहीं रही। अब वो पूरी तरह से खारिज हो चुका है। यानी की वह महिला अब चाहे तो दूसरी शादी तो कर सकती हैं। लेकिन अपने पहली पति के पास अब वापस नहीं जा सकती। इसके साथ ही आपको बता दें कि पीड़ित महिला का निकाह बहेड़ी के एक गांव के रहने वाले किसान के बेटे से हुआ था. पीड़ित महिला और उसके पति का एक बेटा भी है.

वही एसएसपी को दिए गए बयान में पीड़िता ने ससुर द्वारा की गई सारी हैवानियत बयां कर दी। साथ ही साथ उसने SSP से गुनहगार को सजा दिलाने के लिए भी मांग की है। महिला अपने शौहर और अपने बच्चे के साथ रहना चाहती है। वहीं इस पूरे मामले को लेकर परिवार परामर्श केंद्र काउंसलर एडवोकेट खलील कादरी भी हैरत में पड़ गए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित के ससुर, उसके पति और खुद पीड़िता को अपने सामने बैठा कर बात करी। लेकिन इस मामले का कोई भी समाधान नहीं निकल पाया। अब इस मामले के समाधान के लिए अगली तारीख तय कर दी गई है.
इस मामले मैं इस्लामिक लोगों ने भी पीडिता को जो बताया वह भी उसको दुःख देने वाला ही है. तो वहीं मुफ्ती डॉक्टर एजाज अंजुम ने कहा कि अगर कोई भी ससुर अपनी बहू को अपनी हवस का शिकार बनाता है। यानी कि जिना करता है। तो ऐसी सूरत में पीड़ित उसके बेटे के लिए हराम हो जाती है। यानी कि उसके बेटे के साथ किया गया वह निकाह पूरी तरह से खारिज हो जाता है। इसलिए वो अपने शौहर के साथ बिल्कुल नहीं रह सकती। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में हलाला का भी कोई हल नहीं होता है। अब पीड़िता के पास एक ही रास्ता बचता है। कि वह किसी और शख्स के साथ शादी कर ले। क्योंकि पीड़ित महिला अब अपने पति के लिए हराम हो चुकी है. वही जब इस पूरे मामले को लेकर शहर के इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने कहा कि यह पूरा मामला काफी पेचीदा है. इस पूरे मामले को शरई अदालत में लेकर जाएं और इस पूरे मामले का हल मुफ्ती-ए-कराम से कराया जाए. अगर ससुर ने महिला के साथ जिना यानी की दुष्कर्म किया है तो उसके पति को उसे तलाक देना ही होगा. ऐसा इसलिए ताकि दुष्कर्म पीड़िता इज्जत के साथ किसी दूसरे से निकाह कर जिंदगी जी सकें.

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