होली थी जिसकी ख़ुशी में बज रहा था गाना…अचानक वहां पहुंचा फरमान कि बंद कर ये सब वरना सब के सब मरोगे…फिर आगे..

क्या भगवानपूरा करौंदी गाँव पकिस्तान में है  जो भाईचारे का त्यौहार होली भी कुछ अराजक तत्वों, आक्रान्ताओं को नहीं भाया. उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की रूडकी तहसील के भगवानपुर करौंदी गाँव में लोगों को होली का उत्सव रंगों का त्य्हुहार मनाने से मना किया गया ठा होली टीम पर हमला करके भाईचारे को तार तार कर दिया. आखिर वो कौन लोग हैं जिन्हें दुसरे समुदाय के पर्व, त्यौहार रास नहीं आते जिसके बाद वो लोग हिंसा करने पर उतारू हो जाते हैं.

एसा ही एक मामला भगवानपुर करौंदी गाँव से सामने आया है. बताया जाता है कि करौंदी गाँव में कुछ लोग होली खेल रहे थे. ख़ुशी का पर्व तथा अथ गाना बज रहा था था DJ बज रहा था. गाने को सुनकर दुसरे समुदाय के कुछ लोग आये थे तथा तुरंत गाना बंद करने को कहा और ऐसा न करने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी. लेकिन लोगों ने इस तालिबानी आदेश को मानने से मना कर दिया जिसके बाद दुसरे समुदाय की काफी भीड़ आ गयी तथा गाने बजा रहे होली खेल रही टीम पर हमला कर दिया.

सूचना मिलने पर पुलिस भी वहां पहुच गयी लेकिन पुलिस के आने के बाद भी आक्रान्ताओं ने पथराव जारी रखा जिसमें होली खेल रहे लगभग 10 युवक घायल हो गये हैं. आक्रान्ताओं ने एक बाइक में आग लगा दी तथा जो भी मिला उसको पीटा. बबाल बढ़ता देख  बवाल बढ़ता देख एसएसपी कृष्ण कुमार वीके, एसपी देहात मणिकांत मिश्रा और सीओ परीक्षित कुमार ने आसपास के कई थानों की पुलिस बल और पीएसी को भी बुला लिया. इसके बावजूद बवाली पुलिस के सामने ही पथराव करते रहे.

बवालियों को हावी होते देख एसएसपी कृष्ण कुमार वीके और एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने स्वयं ही मोर्चा संभालते हुए लाठी लेकर बवालियों को पीटना शुरू कर दिया जिसके बाद मामला शांत हुआ. एसपी  देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि बवाल में शामिल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है तथा अन्य को चिह्नित किया जा रहा है जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जयेगा.

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