7 लाख प्रत्यक्ष और 25 लाख परोक्ष लोगों को रोज़गार देगा “सुदर्शन समाचार समाधान नेटवर्क” (STED ). भारत के हर गाँव और हर व्यक्ति तक जुड़ने का स्वर्णिम अवसर


भारत के कोने कोने में युवाओं के साथ हर वर्ग को अपने साथ जोड़ने और उनके रोजगार के साथ सम्मान के अवसर के अब तक की सबसे बड़ी योजना की आधारशिला आज पवित्र दशहरा के दिन शस्त्र पूजन के दौरान सुदर्शन न्यूज के प्रधान सम्पादक श्री सुरेश चव्हाणके जी ने की है.. ये एक ऐसी बहुउद्देश्यी योजना है जो न सिर्फ लाभान्वित करेगी जनता को भी बल्कि उन तमाम शासन और प्रशासन में बैठे लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा जो उन आरोपों को भी अपने सर पर मजबूरी में लेते हैं जिसमे उनकी कोई गलती नहीं होती है .

राष्ट्र एक गाँव गाँव और एक एक व्यक्ति तक पहुचने वाली इस नई योजना का नाम है सुदर्शन समाचार समाधान नेटवर्क (STED) .. ये एक ऐसी योजना है जो न सिर्फ गाँव के जन जन की सहभागिता सुनिश्चित करवाएगी बल्कि ये एक सीधा नेटवर्क बनाएगी गाँव की अंतिम जनता का सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति के साथ.. ये योजना जनता को उनके अधिकारो के लिए तो जागरूक करेगी ही, साथ में अधिकारियो और राजनेताओं को भी उनकी जिम्मेदारी का एहसास करवाएगी ..

आज के समय में भारत में सरकार ने कई ऐसी योजनाये जनमानस के लिए चला रखी हैं जो कई लोगों तक पहुच ही नहीं पातीं हैं . कई योजनायें तो बड़े शहरो में तो कई जिला मुख्यालय पर ही आ कर दम तोड़ देती हैं.. इन योजनाओ की जानकारी से वाकिफ न होने के चलते अक्सर जागरूकता के आभाव में कई लोग सीधे मुख्यमंत्री या कई तो प्रधानमन्त्री तक को दोषी मान लेते हैं और बाद में उसका असर सीधे संवैधानिक ढांचे पर पड़ता है और जनाक्रोश का शिकार वो राजनेता हो जाता है जिसका असल में वो दोष होता ही नहीं है..

सुदर्शन समाचार समाधान नेटवर्क में इसका भी समाधान निहित होगा क्योंकि सुदर्शन कारण , परिणाम और अंत में उपाय भी बताने के लिए जाना जाता है..कई बार अधिकारयो में भी वो अधिकारी या कर्मचारी बिना कारण दंडित हो जाते हैं जिन मामलो में उनका कोई दोष होता ही नहीं है.. उदहारण के लिए अवैध शराब के निर्माण में प्रथम जिम्मेदारी आबकारी विभाग की होती है लेकिन कईयों को उसका दोष पुलिस विभाग में नजर आता है . ठीक ऐसे ही वन विभाग भी वृक्षों की अवैध कटान के लिए प्रथम उत्तरदायी होता है लेकिन उसका दोष भी पुलिस विभाग पर अक्सर डाला जाता है .

सुदर्शन समाचार समाधान नेटवर्क में इन तमाम उधेड़बुन का सामान्य रूप से समाधान दिया होगा ..ये नेटवर्क गाँव के एक एक व्यक्ति की एक एक समस्या ठीक उस अधिकारी तक पहुचायेगा असल में वो काम जिसका होगा.. इसलिए ये न सिर्फ आम जनता में आपको आशीष दिलाएगा बल्कि अधिकारियो में भी आपको सम्मान दिलाएगा. इस बहुउद्देश्यी योजना में अच्छा या असंतोषजनक कार्य करने वालों को रेटिंग की भी व्यवस्था है जो उस अधिकारी / कर्मचारी या राजनेता का जनता में दृष्टिकोण निर्धारित करेगा..

इस योजना का उत्तरदायित्व प्रत्येक गाँव में एक योग्य व्यक्ति को दिया जायेगा जिसकी समाज व् शासन प्रशासन में अच्छी और राष्ट्रवादी छवि हो.. इसमें तलाश है ऐसे उर्जावान लोगों की जो प्रतिनिधित्व कर सकें सच्ची निष्ठा और समर्पण के साथ अपने गाँव का , अपने जिले का और अपने प्रदेश का.. इमानदारी इसकी पहली शर्त होती और वो इमानदारी न सिर्फ सुदर्शन समूह के लिए बल्कि राष्ट्र और अपने धर्म के लिए भी रखनी होगी …

इस योजना के साथ भारत का सबसे बड़ा रोजगार प्रदत्त समूह सुदर्शन होगा जो 7 लाखो लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार देगा और उनके साथ लगभग 25 लाख अन्य लोग भी परोक्ष रूप से रोजगार पायेंगे .. श्री सुरेश चव्हाणके जी ने इस अभियान को नाम दिया है “सक्रिय पत्रकारिता” जो न सिर्फ समस्या बताएगी बल्कि उसके समाधान तक उसका पीछा करेगी .. ये कहना गलत नहीं होगा की सुदर्शन समाचार समाधान नेटवर्क से ऐसी कोई समस्या नहीं होगी जो समाधान की तरफ अग्रसर न हो ..

यह एप बेस तकनीकी होगी जिसके लिए उच्च स्तर के तमाम इंजिनियर अभी से दिन रात कार्यरत हैं .. इस तकनीकी का नाम होगा STED .. हिन्दुस्थान के प्रत्येक गाँव तक समाचार केन्द्रों का महाजाल होगा इसमें जिसमे समाधान तक प्रक्रिया चलती रहेगी .. इस योजना की खास बात ये होगी की ये सभी राज्यों में उनकी भाषा में उपलब्ध होगी, इसके चलते उन्हें समझने में भी समस्या नहीं आएगी .. हर घटना पर बारीक नजर हो इसके लिए इसमें राज्य, जिला , तहसील और गाँव प्रभारी नियुक्त होंगे ..

इस योजना का अंग बनने के लिए सुदर्शन न्यूज ने भारत के तमाम राष्ट्र्वादियो ने आह्वान भी किया है जिसमे शामिल होने के लिए www.susasn.com पर लॉग इन कर के औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी .. इसके बाद किस सरकारी योजना को कहाँ के लिए लागू किया गया है और उस योजना के लिए जिम्मेदार अधिकारी या राजनेता कौन है इसको समझा जा सकेगा और सीधे अपने आवेदन उसको किया जा सकेगा .. भारत के सभी लगभग 6 लाख 50 हजार गाँव इस योजना से जोड़े जायेंगे .

यहाँ सडक , बिजली , पानी जैसी आम जनसमस्याओ के लिए भी शिकायत का विकल्प होगा .. इतना ही नहीं , इस योजना में गाँवो में बनने वाले स्वदेशी व् कुटीर उत्पादों को बेचने और खरीदने के लिए भी स्थान होगा जो गाँव गाँव चल रहे स्वयं सहायता समूह जैसे उत्पादों को दुनिया भर में पहुचाएंगे .. स्वामी विवेकानंद जी की जयंती अर्थात 12 जनवरी को इस योजना की विधिवत लांचिंग होनी है जिसकी तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रही हैं ..

इस योजना के शुरुआत की घोषणा से ही आम जनमानस में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है और इसकी जायदा से जयादा जानकारी सम्बन्धित लोगों को दी जा रही है .. इस योजना के क्रियान्वयन के लिए मोबाईल और कम्प्यूटर विकल्प होंगे .. ये योजना न सिर्फ जनकल्याण में प्रमुख भूमिका निभाएगी बल्कि कई अतिव्यस्त अधिकारयो के सर से अतिरिक्त बोझ कम करते हुए निष्क्रिय लोगों को जगा कर उन्हें उनके कर्तव्य तब तक याद दिलाती रहेगी जब तक वो उस कार्य को सम्पन्न नहीं कर लेते ..

अधिक जानकारी व् इस योजना के अंग बनने के लिए नीचे लिंक पर जाएँ ..- 

http://sudarshannews.in/apply-susasn/

नीचे लिंक पर जा कर सुनिये सुरेश चव्हाणके जी की पूरी घोषणा इस महाभियान के लिए –

 

 

 


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