वो विदेशी महिला पत्रकार उनकी ही खबर कवर करने गयी थी इस्लामिक मुल्क इजिप्ट.फिर उसका घेरा बनाने लगे वो और शुरू हो गया “तहर्रूश”.. क्या था ये ?

क्या नारी जिस्म को नोचना कोई खेल हो सकता है .. कुछ समय पहले जब एक विदेशी महिला पत्रकार इस्लामिक मुल्क इजिप्ट में उस क्रांति को कवर करने गयी थी जिसने इजिप्ट की सत्ता को बदल दिया तब उसने महसूस किया कि उसका घेरा बनाया जा रहा है .. वो महिला पत्रकार जिन लोगों के समर्थन करती न्यूज़ कवर करने आई थी वही लोग घेर लिए उसे ..

पहले तो उसने सोचा कि शायद उस से मिलने आ रहे या उसकी न्यूज कवरेज के लिए धन्यवाद देने आ रहे लेकिन अचानक ही भीड़ ने उसके कैमरामैन को धकेल कर बाहर कर दिया और फिर जानवरो की तरह उसको नोचना शुरू किया ..फिर उसके कपड़े फट गए और उसके साथ एक एक कर के तब तक कईयो ने किया बलात्कार जबतक वो बेहोश नही हो गयी और उसको मरा समझ कर छोड़ गई वो भीड़ ..

कैमरामैन हैरान था कि उस पूरी भीड़ में किशोरावस्था वालो से ले कर बूढ़े तक शामिल थे .. उसमे से किसी एक ने भी उस महिला पत्रकार की चीखों को दया भाव से नहीं देखा और किशोर वृद्ध सब एक साथ उसके जिस्म को नोचते रहे .. कैमरामैन का कहना था कि अगर वो एक शब्द बोलता तो उसकी मौत तय थी .. बेहोश महिला को जब सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया तब होश आने के बाद उसने इसका कारण खोजा .. और वो कारण मिला जो उसे बताया गया कि वो शिकार हुई थी तहर्रूश खेल का ..फिर ऐसी घटनाएं कई और क भी साथ हुईं ..। 

तहर्रूश गेमिया ..इस बारे में विकिपीडिया पर भी कुछ साक्ष्य उपलब्ध हैं ..तहर्रूश ( गैर मज़हबी लड़की से सार्वजनिक ब्लात्कार) अरब के कुछ देशों में खेला जाने वाला एक निहायत ही घिनौना व अमानवीय खेल हैं, वहाँ पर इसे “तहर्रूश गेमिया” के नाम से जाना जाता हैं, जिसमें परम्परा के नाम पर किया जाता हैं शिकार। यह कोई पशुओं का शिकार नहीं, इसमे किसी “गैर मज़हबी लड़की का शिकार/बलात्कार” भीड़ में सामूहिक रूप में किया जाता हैं। 
सार्वजनिक स्थलों पर एक अकेली गैर मज़हबी लड़की पर २०० से २५० लोगों की भीड़ टूट पड़ती हैं। इसमें न केवल उसे यौन रूप से प्रताड़ित किया जाता हैं बल्कि बाकायदा सामूहिक बलात्कार भी किया जाता हैं। अरब के देशों से निकल कर यह “यूरोप” में पूरी तरह से अपना पैर फैला चुका हैं और अब यत्र-तत्र भारत में भी इस से मिलती जुलती घटनायें होने लगी हैं।
“तहर्रूश गेमियाँ” ..को सिर्फ सार्वजनिक रूप से ही अंजाम दिया जाता हैं। एसा प्रदर्शन के दौरान या फिर बड़ी संख्या में जमा हुई भीड़ के बीच ही किया जाता हैं। इसमें पूरी भीड़ दो घेरा बना लेती हैं। एक घेरा अंदर होता हैं जिसके बीच में लड़की होती हैं, और अंदर वाले घेरे के लोग लड़की का यौन शोषण व बलात्कार करते हैं।
बाहर वाले घेरे के लोग बाहरी भीड़ को अंदर नहीं घुसने देते… और जब अंदर घेरे वाले लोग लड़की से बलात्कार कर लेते हैं तो क्रमशः बाहर के घेरे में चले जाते हैं तथा वाहरी घेरे का आदमी अंदर वाले घेरे में आ जाता हैं और यह क्रम चलता ही रहता हैं….. जबतक की सभी लोग लड़की के साथ बलात्कार नहीं कर लेते। इस दौरान लड़की बुरी तरीके से चोटिल हो जाती हैं या मर भी जाये तो ये खेल नहीं रुकता जब तक की सारी भीड़ का क्रम पूरा ना हो जाये……!!! 

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