एक ऐसा देश जहां औरत को अगर नहाना भी है तो पूंछना होगा किसी पुरुष से.. खुद से कुछ किया तो मिलती है कड़ी सजा

आज दुनिया लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रही है तथा महिलाओं को भी पुरुषों के सामान बराबरी की बातें कही जा रही हैं. और ये सच भी है कि दुनिया की आधी आबादी को दरकनिकार करके या उनका शोषण करके कोई भी समाज या राष्ट्र आगे नहीं बढ़ सकता. और महिलाओं ने भी अपनी मेहनत तथा परिश्रम से इस बात को साबित भी किया है कि वह किसी से कम नहीं हैं. लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि दुनिया में एक ऐसा मुल्क भी है जहाँ महिलाएं अपनी मर्जी से कुछ नहीं कर सकती हैं, यहाँ तक कि इस देश में महिलायें बिना पुरुषों की इजाजत के नहा भी नहीं कसती हैं, और अगर उन्होंने ऐसा किया तो उन्हें मिलती है अंतहीन प्रताड़ना. सबसे बड़ी बात ये देश दुनिया के सबसे अमीर देशों में शामिल है, इसके बाद भी इस देश में महिलाओं पर अनेक तरह की पाबंदिया हैं.

हालाँकि अब इस देश में महिलाओं को कुछ छूट मिलने लगी है लेकिन दुनिया में अभी भी इस मुल्क की महिलाएं सबसे ज्यादा मजबूर हैं. ये देश और कोई नहीं बल्कि तेल और सोने का बड़ा भंडार कहलाने वाला संयुक्त अरब अमीरात है. यहां महिलाओं पर इतनी पाबंदियां है कि यहां किसी महिला का जीवन आसान नहीं है. आपको जानकर हैरानी होगी कि रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी आम चीजें करने के लिए भी यहां की औरतों को पुरुषों की इजाजत लेनी पड़ती है. दरअसल, सऊदी में संरक्षण पद्धति के नाम पर महिलाओं को सालों से बांध कर रखा गया है. सऊदी की पद्धति के मुताबिक, महिलाओं को किसी एक आदमी के संरक्षण में रहना जरूरी है. यह संरक्षण महिला के पिता, भाई, पति या कोई दूसरा रिश्तेदार भी हो सकता है. आपको ये जानकर झटका जरूर लगेगा कि कई बार 5 से 6 साल के लड़के को भी 25-30 साल की महिला का संरक्षक बना दिया जाता है. यहाँ महिलाओं को रोजमर्रा के कामों में भी मर्दों की इजाजत लेनी पड़ती है. यहां तक कि महिलाएं अपनी मर्जी से नहा भी नहीं सकती. उन्हें नहाने के लिए और मेकअप करने जैसी छोटी-छोटी चीजों के लिए भी पुरुषों की इजाजत लेनी पड़ती है.

इसके अलावा अगर किसी महिला पर जुल्म हो और वो पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने जाए तो पुलिस के कई सवालों का सामना करना पड़ता है. महिला से पूछा जाता है कि आप रिपोर्ट दर्ज करवा रहीं है, क्या आपके संरक्षक ने इसकी इजाजत दी है या नहीं. यही नहीं, पिछले साल तक सऊदी में भी कोई भी महिला नौकरी नहीं कर सकती थी, सर्जरी नहीं करवा सकती थी, गाड़ी नहीं चला सकती थी. हालांकि, सऊदी में अब बदलाव का दौर शुरू हो गया है. महिलाओं को यहां नौकरी करने की इजाजत मिल चुकी है, वो अब सर्जरी करवा सकती हैं, गाड़ी चला सकती हैं.. सिनेमाहाल में फिल्म देख सकती हैं. अमीरात में महिलाओं के पहनावे पर भी कड़ी निगरानी रखी जाती है तथा सख्ती से शरिया ड्रेस कोड महिलाओं के लिए निर्धारित हैं. ज्यादातर औरतें हिजाब और अबाया पहनती हैं. जरूरी नहीं कि चेहरा ढका हुआ हो लेकिन सज संवरकर बाहर निकलना अभी भी पाबंदी है. इसके साथ ही साथ महिलाएं किसी दूसरे मर्द से ज्यादा बातचीत करे तो उसे मुसीबत झेलनी पड़ती है. सार्वजनिक जगहों पर भी महिलाओं और पुरुषों के बीच भेदभाव किया जाता है. दोनों के लिए बैठने के लिए अलग-अलग जगह बनी हैं. यहां किसी भी तरह से मेलजोल को लेकर आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है जिसमें पुरुष से कई गुना ज्यादा सजा महिला को मिलती है.

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