मजहबी चरमपंथ झेल रहे हरिद्वार पर दोहरा वार… हरिद्वार में 2 हिन्दू परिवार बना दिए गये ईसाई

देवभूमि हरिद्वार पहले से ही मजहबी चरमपंथ का शिकार हो रहा है तथा जिहादी ताकतें लगातार देवभूमि हरिद्वार को संक्रमित कर रही हैं. म्यांमार में बौद्धों तथा हिन्दुओं का नरसंहार करके भारत आये रोहिंग्या आक्रान्ताओं के जहाँ हरिद्वार में बसने की खबरें आती रही हैं वहीं बांग्लादेशी घुसपैठियों भी देवभूमि में संक्रमण फैला रहे हैं. लेकिन देवभूमि के खिलाफ ये वार यहीं नहीं रुक रहे हैं बल्कि हरिद्वार दोहरा वार झेल रहा है. जी हाँ, जिहादी ताकतों ने साथ ईसाई मिशनरिया भी हरिद्वार में अपनी जड़ें गहरी कर रही हैं तथा हिंदुत्व पर आघात कर रही हैं.

खबर के मुताबिक़ हरिद्वार में दो हिन्दू परिवारों को एक साजिश के तहत ईसाई बना दिया गया. पथरी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक्कड कलां गांव में दो अति पिछडे़ हिंदू परिवारों के ईसाई धर्म में परिवर्तन कर लेने से गांव में हड़कंप मच गया. मिली जानकारी के अनुसार, एक्कड कलां गांव में रहने वाले टेकचंद कश्यप और मांगे राम कश्यप अति पिछडे़ वर्ग से हैं. कुछ समय पहले उन्होंने हिंदू धर्म को छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया था. जब यह जानकारी गांव वालों को मिली, तो हड़कंप मच गया. गांव में वीरवार को पंचायत बुलाई गई. दोनों परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का ऐलान किया गया. इसी बीच बजरंग दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे तथा धर्मान्तरित हुए परिवारों को समझाने का प्रयास किया.

ईसाई धर्म में धर्मान्तरित हुए दोनों परिवारों ने पूछताछ में बताया कि उनके परिवार के कुछ लोग बीमार चल रहे थे. इसी दौरान ईसाई मिशनरियों से कुछ लोग आये और प्रार्थना आदि करके उनके परिवार के सदस्यों को ठीक करने की बात कही. इसके बाद उन्होंने उनकी बात मां ली तथा ईसाईयत में विश्वास करते हुए उस धर्म को अपना लिया. बजरंग दल के अनुज वालिया ने बताया कि कोई स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करता है, तो एक बार सोचा जा सकता है. यहां लोगों को बीमारी ठीक करने सहित अन्य चीजों का बहाना लेकर गरीबों को टारगेट कर ईसाई बनाया जा रहा है. इसके खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलने के साथ बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा. बजरंग दल का कहना है  कि दोनों परिवारों को समझा लिया गया है तथा वे हिंदू धर्म में वापसी कर लेंगे व हिन्दू धर्म की शिक्षा—दीक्षा देकर दोबारा घर वापसी करा दी जाएगी. बताया गया कि दोनों परिवारों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और दोबारा हिंदू धर्म में वापसी को तैयार हैं.

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