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84 साल का नूर हसन गिरफ्तार हुआ है मात्र 11 साल की मासूम से बलात्कार के अपराध में… दुनिया देख रही नीचता के अंतिम बिंदु को

वो ११ वर्षीय मासूम नूर हसन को दादा कहती थी लेकिन वो शायद नहीं जानती थी कि नूर हसन के अंदर दादा के वेश में हैवान छिपा हुआ है. दुराचारी नूर हसन मासूम बची को टॉफी का लालच देकर अपने पास बुलाता, फिर उसके साथ बलात्कार करता था.  इसी तरह नूर हसन २ साल तक टॉफी का लालच देकर मासूम के साथ बलात्कार करता रहा. इसके अधिक नीचता का निम्नतम स्तर क्या हो सकता है कि जिस नूर हसन को बच्ची दादा कहती थी, वो नूर हसन रिश्तों की मर्यादाओं को अपनी हवस के पैरों तले कुचलते हुए मासूम बच्ची के जीवन से खेल रहा था, उसकी जिंदगी को तबाह कर रहा था.

मामला उत्तराखंड के देहरादून का है. शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि देहरादून के रायपुर थाने में एक परिवार ने 84 साल के नूरहसन के खिलाफ दुराचार का मुकदमा दर्ज कराया था. दुराचार का ये मामला २०१७ का है. आरोप है कि स्कूल जाते वक्त नूरहसन बच्ची के साथ अश्लील हरकतें करता था. एक दिन मौका पाकर वह बच्ची को अपनी परचून की दुकान पर ले गया और उसके साथ दुराचार किया. इस बात का खुलासा बच्ची की शिक्षिका की एक शिकायत से हुआ. शिक्षिका ने परिजनों से शिकायत की थी कि बच्ची रोज पैसे लेकर स्कूल आती है. ऐसे में उसे पैसे लेकर स्कूल न आने दिया जाए। इस पर जब परिजनों ने बच्ची से बात की तो उसने बताया कि नूरहसन उसको यह पैसे देता है. बच्ची ने बताया कि नूरहसन ने एक दिन उसके साथ गलत हरकत की थी और यह बात किसी को न बताने के लिए वह कभी टॉफी तो कभी पैसे देता है.

इसके बाद नूर हसन के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया तथा ग्यारह साल की मासूम के साथ दुराचार के मामले में न्यायालय नूर हसन को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. स्पेशल जज पोक्सो रमा पांडे की अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है, जिसमें से 30 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को अदा करने के आदेश दिए हैं. अर्थदंड न देने पर दोषी को दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. न्यायाधीश ने बचाव पक्ष की सारी दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि नूरहसन ने कभी मांफ न करने वाला गुनाह किया है तथा ऐसे लोग कड़ी के कड़ी सजा के पात्र हैं. इसके बाद न्यायलय ने नूर हसन को उम्रकैद की सजा सुना दी.

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