पत्रकारिता को कलंकित कर रहे थे नईम, शमशेर और शब्बू .. पुलिस ने दिखाई असली जगह अर्थात जेल

मीडिया/पत्रकारों का कार्य समाज को जागरूक करना होता है, समाज को वास्तविक सच्चाई से अवगत कराना होता है. यही कारण है कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है लेकिन जब इसी मीडिया के कुछ लोग पत्रकारिता के नाम पर समाज को ही ठगने का कार्य करें तो उससे ज्यादा शर्मनाक कुछ हो ही नहीं सकता है. ऐसा ही हुआ है उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में जहाँ नईम, शमशेर तथा शब्बू ने पत्रकारिता को कलंकित करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें जेल पहुंचा दिया.

जानकारी के मुताबिक ऊधमसिंह नगर के थाना अफजलगढ़ के ग्राम अभयराजपुर निवासी शाहिद हुसैन,ठाकुरद्वारा में कोचिंग सेंटर चलाता है. शुक्रवार को वह अपने साथ एक युवती लेकर आया तथा उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा. जिसकी शिकायत स्थानीय नागरिकों ने पुलिस से की जिसके बाद पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया था. बताया गया है कि इसके बाद आरोपी शाहिद हुसैन के भाई अमजद से ठाकुरद्वारा के एक चैनल के पत्रकार शमशेर मलिक, नईम एवं जसपुर निवासी शब्बू ने घटना की जानकारी ली.

जानकारी मिली है कि पत्रकारों ने अमजद से कहा कि वह इस मामले की खबर नहीं प्रकाशित होने देंगे तथा उसके भाई को पुलिस की कार्यवाही से भी बचा लेंगे. इसके एवज में पत्रकारों ने 1 लाख रूपये की मांग की बाद में 70 हजार रूपये में ममला तय हो गया. इसमें खबर नहीं चलाने के लिए 30 हजार और पुलिस को देने के लिए 40 हजार रुपये तय किए गए थे. जिसके बाद अमजद ने अपने रिश्तेदार से लेकर तीनों को 65 हजार रुपये दे दिए. जिसके बाद अमजद ने तीनों के खिलाफ रंगदारी मांगने के लिए मुकदमा दर्ज कराया. पुलिस ने बताया है कि आरोपी शाहिद के भाई की शिकायत पर पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है.

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