जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के लिए सफलता की तरफ सुरेश चव्हाणके जी का अथक प्रयास.. उत्तराखंड सरकार ने पंचायत चुनाव में लागू किया इसे

हिन्दू तथा हिंदुस्तान के वजूद को बचाने के लिए सुदर्शन लंबे समय से जिस आवाज को उठाता रहा है, उस आवाज को अब साथ मिला है उत्तराखंड सरकार का. हिन्दू तथा हिंदुस्तान के भविष्य को बचाने वाली ये वो आवाज है देश में “जनसंख्या नियंत्रण कानून” की मांग. वो मांग जिसके लिए सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक तथा राष्ट्र निर्माण संस्था के चेयरमैन श्री सुरेश चव्हाणके जी ने पिछले साल कश्मीर से कन्याकुमारी से दिल्ली के बीच 20 हजार किलोमीटर की 70 दिवसीय भारत बचाओ यात्रा निकाली थी.

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आपको बता दें कि “हम दो हमारे दो तो सबके दो” के मिशन के तहत “जनसंख्या नियंत्रण कानून” की मांग के लिए सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक श्री सुरेश चव्हाण जी ने जो संघर्ष किया है, जो अथक प्रयास किये तथा इस मांग को राष्ट्र की मांग बनाया है वो अभी प्रयास अब सफलता की ओर बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं तथा उन सभी प्रयासों को उत्तराखंड सरकार का साथ मिला है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व वाली उत्तराखंड की बीजेपी सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून की दिशा में बड़ा कदम उठाया है.

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खबर के मुताबिक़,  उत्तराखंड में दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे. राज्य सरकार ने इसके लिए पंचायतीराज (संशोधन) अधिनियम 2019 को विधानसभा से पारित करा लिया है. अब एक्ट राज्यपाल के पास एक्ट जाएगा और फिर प्रदेश में लागू होगा. इस तरह आगामी चुनाव में यह बदलाव लागू होने का रास्ता साफ हो गया है. जिस दिन एक्ट लागू होगा उस दिन से 2 बच्चे वाले लोग पंचायत चुनाव नही लड़ सकेगा. विधेयक में कहा गया है कि दो बच्चों से अधिक वाले ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत का चुनाव नहीं लड़ सकते हैं. वहीं चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी की शैक्षणिक योग्यता भी निर्धारित होगी.

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संसदीय कार्यमंत्री की भूमिका निभाते हुए मदन कौशिक ने यह प्रस्ताव सदन में पेश किया. अब तक उत्तराखंड में पंचायत चुनाव लड़ने के लिए शैक्षिक योग्यता या परिवार से जुड़ी कोई शर्त नहीं थी, लेकिन इस संशोधन के बाद पंचायत में किसी भी पद पर चुनाव लड़ने के लिए अब न्यूनतम शैक्षिक योग्यता दसवीं पास होगी. हालांकि, महिला, एससी-एसटी वर्ग को इससे छूट दी गई है. सामान्य श्रेणी की महिला के साथ अनुसूचित जाति-जनजाति श्रेणी के पुरुषों की न्यूनतम योग्यता आठवीं पास रखी गई है. जबकि अनुसूचित जाति-जनजाति की महिलाओं की न्यूनतम योग्यता पांचवीं पास रखी गई है.

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