युवाओं हेतु सफलता सन्देश

RAMESH CHNDRA JI , LUCKNOW

हताशा , निराशा , उपेक्षा असफलता युवाओं में कुंठा , अवसाद ,दीनता , हीनता के भाव पैदा कर व्यसन , हिंसा , दुराचार , व्यभचार, अन्याय , अत्याचार व् अंत में आत्म हत्या तक पहुंचा देती है | इस सबके लिए पारिवारिक , सामजिक परिवेश व् व्यवस्था में बैठे लोगो ( प्रबंधन ) का दोष है | यह सत्य है कि सफलता के जश्न से असफलता के कारणों की समीक्षा कर लक्ष्य प्राप्त हेतु कठोर पुरुषार्थ कर सफलता प्राप्त करना यदि युवाओं के उथान हेतु पारिवारिक सामजिक वातावरण बनाया जाये | व् व्यवस्था में बैठे लोगो की दृढ़ इक्षा शक्ति हो तो इन तमाम समस्याओं का समाधान हो सकता है |

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