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“चीन के खिलाफ सिर्फ खबर ही न चलायें बल्कि बल्कि चीनी कम्पनियों के विज्ञापन भी मेरी तरह बंद करे भारतीय मीडिया”- सुरेश चव्हाणके

ये वो समय है जब सिर्फ बातें कर के आत्मसंतुष्टि और जनसंतुष्टि करने का नहीं बल्कि कुछ कर के दिखाने की जरूरत है . भारत का दुश्मन हो ही नहीं जो भारत पर हमला कर के भाग जाता है बल्कि भारत का दुश्मन वो भी है जो भारत पर हमला कर के भागने वालों को अपनी जमीन , अपना पैसा , अपना खाना या तो अपना संरक्षण ही मुहैया करवा रहा है . यकीनन पाकिस्तान हमारा दुश्मन है लेकिन उस से किसी भी हाल में ज़रा सा भी कम चीन भी नहीं .

राष्ट्र ऐसे दौर से गुजर रहा है जब विदेश के तमाम देश भारत के साथ आने के लिए तैयार हैं . कुछ ऐसे भी हैं जो भारत के बगल खड़े हैं, लेकिन यहीं के ही कुछ लोगों के बयान ऐसे आ रहे हैं जिस से ख़ुशी और फायदा या तो पाकिस्तान का हो रहा है और या तो चीन का जबकि ऐसे मौकों पर राष्ट्रीय एकता सर्वोपरि होनी चाहिए. भले ही वो कोई नेता हो , अभिनेता हो , राजनैतिक व्यक्ति हो, कोई व्यापारी हो या कोई अधिकारी हो .. इस समय हर किसी की जरूरत है इस देश को ….

लेकिन इन तमाम बातों में इतना तो निश्चित हो जाना चाहिए कि कथनी और करनी में फर्क न दिखे .. जो कहा जाय उसको कर के भी दिखाया जाय . टी वी स्क्रीनों से और अख़बार के पन्नो के साथ पोर्टलों के फ्रंट फेज पर चीन के किये गये कुकृत्य को दिखाना और उसकी अधिकतम भर्त्सना करना उचित भी है और जरूरी भी लेकिन कम से कम राष्ट्र हित के मुद्दे पर धर्म और कर्म दोनों को एक कर देना चाहिए .. मेरा सीधा सम्बोधन भारत की मीडिया वर्ग से है ..

में मीडिया वर्ग से पहले तो बताना चाहता हूँ कि सुदर्शन न्यूज पर चीन के खिलाफ सिर्फ खबरें ही नहीं चल रही हैं बल्कि चीनी उत्पादों के सभी विज्ञापन भी बंद कर दिए गये हैं . सुदर्शन न्यूज सदा से स्वदेशी का प्रबल समर्थक रहा है और उस पथ से तमाम आर्थिक हानियों के बाद भी कभी विचलित नहीं हुआ .. पर जब हालात डोकलाम के बाद मसूद अजहर जैसे हत्यारों के साथ खड़े होने की हो तब चीन के खिलाफ सिर्फ बोलने भर से नहीं बल्कि चीनी उत्पादों के विज्ञापन को भी फ़ौरन बंद कर देना चाहिए .

इस समय देश #BoycottChina की मुहिम चला रहा है जिसमे मीडिया वर्ग को भी साथ आना चाहिए .. में इस मुहिम को शुरू करने से काफी पहले से ही , यहाँ तक कि चैनल की नीव ही स्वदेशी उत्थान की भावना से डाली थी लेकिन कुछ चैनलों के द्वारा टी वी स्क्रीन पर चीन के खिलाफ बहसबाजी और उसी शो के ब्रेक में चीनी उत्पादों का प्रचार न सिर्फ गलत लगता है बल्कि हास्यास्पद भी .. मेरा आह्वान है मेरे सभी मीडिया के मित्रों और इस क्षेत्र से जुड़े तमाम लोगों से .. वो चीन के सम्पूर्ण बहिष्कार की मुहिम से साथ जुड़ें और अपने स्क्रीनों या पेजों से चीन से जुडी हर चीज को दूर करें .. मैंने इस मुहिम की शुरुआत की है , आशा है कि देशहित के इस मुद्दे पर आप भी अगला कदम बढ़ाएंगे और न सिर्फ सेना बल्कि आम जनता के भी दूरगामी हितों का ध्यान रखेंगे ..

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