ओवैसी की पार्टी के कट्टरपंथी की चुनौती स्वीकार कर के सम्भाजी नगर पहुचे सुरेश चव्हाणके जी.. हिन्दूवादियों ने जय श्री राम के नारों के साथ किया जोरदार स्वागत


एक बार फिर से चुनौती दी गई थी सुरेश चव्हाणके जी को उस भूमि से जहाँ पर वीर सम्भाजी महराज ने अपना बलिदान दिया था.. ये वो धरा है जहाँ पर छत्रपति शिवाजी ने कट्टरपंथी और उन्मादी औरंगजेब को सदा के लिए दफन कर दिया था.. मराठे हिन्दुओ ने यहीं से निकल कर पानीपत तक और अटक से कटक तक देश और धर्म पर नजर उठाने वाले जिहादियो से जंगे लड़ी थी और देश और धर्म की रक्षा अपने प्राणों को दे कर की थी . उसी भूमि से आई थी फिर एक चुनौती ..

विदित हो कि जाकिर नाईक और मतलूब फ़िदा हुसैन को देश से निकाले जाने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले. ओवैसी का जहर सबके आगे रखने वाले , मुज़फ्फरनगर में हिन्दुओ की आवाज उठाने वाले जैसे कई मामलों में सबसे आगे रहे राष्ट्र निर्माण संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुरेश चव्हाणके जी ने पूरे भारत की प्र्दाक्षिना की थी जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए . आज वही मांग देश की आवाज बन चुकी है लेकिन ये मांग कुछ कट्टरपन्थियो को रास नहीं आ रही और वो चुनौती देने लगे हैं

ध्यान देने योग्य है कि हैदराबाद में कई उन्माद की जिम्मेदार दंगाई ओवैसी भाइयो की पार्टी AIMIM के एक स्थानीय नेता आरिफ हुसैन ने सुरेश चव्हाणके जी को सम्भाजी नगर की धरती पर पैर न रखने देने की चुनौती दे डाली थी जिसके बाद सुरेश चव्हाणके जी ने उसकी चुनौती स्वीकार की और सप्ताह भर पहले ही बता दिया था वहां आने का.. उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भी इस आशय की जानकारी देते हुए कह दिया था कि ऐसे उन्मादी तत्वों पर नकेल कसें .

सुरेश चव्हाणके जी के सम्भाजी नगर पहुचते ही वहां के हिंदूवादी संगठनो ने जोरदार स्वागत किया..जय श्री राम के नारों के साथ वहां गगनभेदी नारे लगने लगे और आस पास कोई भी कट्टरपंथी दिखाई नहीं दिया. हिन्दुओ की एक सभा को सम्बोधित करते हुए सुरेश चव्हाणके जी ने कहा कि राष्ट्र और धर्म के उनके संकल्प के बीच कोई भी नहीं आ सकता है.. इस मौके पर पूरा क्षेत्र भगवामय दिखाई दे रहा था और चारो तरफ सम्भाजी महराज और छत्रपति शिवाजी की जय का जयकार हो रहा था .


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