तीन तलाक के खिलाफ मीडिया की पहली आवाज थे सुरेश चव्हाणके जी.. वर्ष 2007 में पहले शो के बाद लगातार बुलंद करते रहे इस कुप्रथा के खिलाफ आवाज

सदियों से चली आज रही जिस कुप्रथा का आज अंत नरेन्द्र मोदी सरकार में विधिवत रूप से राज्यसभा में पारित हुए बिल के बाद हुआ है उसकी शुरुआत मीडिया जगत में सुदर्शन न्यूज के प्रधान सम्पादक श्री सुरेश चव्हाणके जी ने की थी . उस समय सुदर्शन न्यूज अपने शुरुआती चरण में था और जहाँ एक तरफ जाकिर नाईक जैसे इस्लामिक आतंकियों को देश से निकाल फेंकने का अभियान छेड़े हुए था तो दूसरी तरफ मुस्लिम महिलाओं के सम्मान के लिए आवाज भी बुलंद किये हुए था .

ये वो समय था जब धर्म, हिन्दू आदि की बात करना भी सेकुलर ब्रिगेड में साम्प्रदायिकता माना जाता था और तीन तलाक आदि का नाम लेते ही देश के विभिन्न कोने और विदेशो से धमकियाँ आदि भी मिलने लगती थी पर तमाम धमकियों के बाद भी श्री सुरेश चव्हाणके जी ने अपने अभियान से कभी भी एक भी कदम पीछे नहीं खींचा और लगातार अपनी आवाज बुलंद की . तीन तलाक खत्म करने के लिए वर्ष 2007 में किये गये पहले शो के बाद अब तक सुदर्शन न्यूज के दसियों शो में इस मामले को प्रमुखता से उठाया गया था ..

ये राह इतनी आसान नहीं थी . इस रहा पर चलते हुए सुदर्शन न्यूज और उनके प्रधान संपादक को कई बार आर्थिक नुकसान उठाना पीडीए और कई बार कानूनी नोटिसो को झेलना पड़ा . चरमपंथियों की तरफ से मिलने वाली धमकिया अलग थी जिसकी कोई गिनती भी नहीं .. इसी राह पर चलते हुए देवबंद में एक संदिग्ध हरकत हुई और एक बार सुदर्शन न्यूज मुख्यालय के आगे एक विस्फोटक भी बरामद किया गया था .. ये एक संदेश था कि सुरेश चव्हाणके जी अपनी आवाज को बुलंद न करें .

आज करोड़ो मुस्लिम बहनों को मिली एक नई आज़ादी तीन तलाक से मुक्ति के पीछे प्रमुख रूप से सुदर्शन न्यूज के प्रधान सम्पादक श्री सुरेश चव्हाणके जी द्वारा वर्ष 2007 में ही भरी गई वो नीव थी जबकि उस समय आज मुस्लिम महिलाओं को बधाई देने वाले मीडिया के कई चेहरे इस मामले को सांप्रदायिक करार दे रहे थे .. फ़िलहाल सुरेश चव्हाणके जी और सम्पूर्ण सुदर्शन परिवार की तरफ से उन सभी मुस्लिम माताओ बहनों और बेटियों को हार्दिक शुभकामना जो इस दंश को सदियों से झेल रही थीं .

देखिये सुरेश चव्हाणके जी द्वारा दी गई शुभकामना –

 

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