चुनौती है कि इस जूते के बारे में जानने के बाद इसमें लगी एक कण धूल भी आपको सोने से ज्यादा कीमती लगेगी ..

किसी ने बकरी की चर्चा की तो किसी ने रस्सी की ,

किसी ने धोती सम्भाल कर रखी तो किसी ने चरखा ..

पर हम बचा कर ला रहे हैं वो धरोहर जो आपके आंखों में आंसू के साथ एक बार फिर से वो सारा माहौल जीवंत खड़ा कर देगी जो उस समय या काल मे कभी हुआ रहा होगा ..

इस चित्र में दिखाया गया जूता परम् बलिदानी भारत माँ के लाल ” भगत सिंह ” जी का है जो वो अपनी क्रांति जीवन मे पहना करते थे …

ये जूता उन्होंने असेम्बली में बम फेंकने से पहले अपनी घड़ी के साथ कानपुर में निकाल कर अपने सहयोगी जयदेव को दे दिया था …

आज सुदर्शन न्यूज उन पावन चरण पादुकाओं के दर्शन आप को करा रहा है जिनका अस्तित्व किसी भी  हाल में किसी धोती , चरखे या रस्सी से कम नहीं है ..

भारत की आज़ादी के महानायक के पैरों की शोभा इन चरण पादुकाओं में सम्पूर्ण सुदर्शन परिवार का बारम्बार प्रणाम …

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