क्या अब खुल जाएगा है वो राज़ .. किसने मारा गाँधी को ? “सच्चे इतिहास” की “नाथूराम गोडसे” की इच्छा पूरी होने के करीब

आज़ादी के आस पास वैसे तो अनगिनत घटनाये हुई जो मानवता को शर्मशार कर के खून की स्याही से लिखी गयी . उदाहरण के लिए बंटवारे के बाद का खून खराबा , पाकिस्तान से ट्रेनों में भर कर हिंदुओं और सिखों की लाशें आना , नोआखाली और मोपला में हिंदुओं का सामूहिक नरसंहार , पाकिस्तान से धन , इज्जत लुटा कर केवल धर्म बचा कर आये हिंदुओं के साथ बेहद तिरष्कृत व उपेक्षित व्यवहार आदि , पर इस सब से ज्यादा जो चर्चा में रही वो रही है गाँधी की हत्या व गोड्से का नाम ..

तमाम हिन्दू संगठनों का मानना है कि अदालत में अपने अंतिम बयान में नाथूराम गोडसे ने कहा था कि जब सच्चा इतिहास लिखा जाएगा तब उनके इस कार्य को सही माना जायेगा . नाथूराम ने स्वयं को राष्ट्रभक्त बताते हुए अखण्ड भारत की पैरवी की थी व पाकिस्तान को फिर भारत मे मिलाने के बाद ही अपनी अस्थियां विसर्जित करने की मांग की थी .. इस विषय पर उस केस में वांछित गोपाल गोड्से की पुस्तक भी चर्चा के केंद्र बिंदु में रखी गयी है जिसके अनुसार नाथूराम गोडसे गांधी को भारत के विभाजन का दोषी मानते थे जिसके आक्रोश फलस्वरूप उन्होंने गांधी की हत्या की थी …

इस बीच मे भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री सुब्रह्मण्यम स्वामी ने नाथूराम गोड्से के अतिरिक्त घटना स्थल पर किसी और की मौजूदगी की बात बताते हुए सियासी हलचल मचा दी थी .. सुब्रह्मण्यम स्वामी जी के अनुसार नाथूराम के अतिरिक्त कोई और भी था जिसने गांधी पर गोलियां चलाई थी जिसको आज तक छिपाया गया है .. स्वामी के इस बयान के बाद जनता की उत्सुकता बढ़ गयी थी सच जानने की . गांधी की हत्या की असल पड़ताल करने के लिए न्यायमूर्ति कपूर की अध्यक्षता में आयोग भी बना था जो कुछ कतिपय कारणों से अपने अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुँच सका था …

अब एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली गई है गांधी की हत्या के असली कारणों को दुनिया के सामने जाहिर करने के लिए .. याचिकाकर्ता का नाम पंकज फणनवीस है जो महाराष्ट्र के अभिनव भारत नामक संगठन से सम्बन्ध रखता है .. पंकज का कहना है कि 1966 में गठित कपूर आयोग की अधूरी जांच को निष्पक्ष रूप से पूरी करवा कर गांधी की हत्या के असली कारणों को दुनिया के सामने लाया जाए ..

याचिका में 15 नवम्बर 1949 आदि की घटना का भी जिक्र है जिस दिन नाथूराम गोड्से को फांसी दी गयी थी ..याचिका में मांग की गई है कि वो अतिरिक्त गोली चलाने वाले के नाम को भी सार्वजनिक किया जाय .. शोध के विद्यार्थी डॉक्टर पंकज ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख कर जस्टिस कपूर की जांच में वीर सावरकर के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी को भी हटाने का अनुरोध किया है .. डॉक्टर पंकज की इस याचिका को तमाम हिन्दू संगठनों ने समर्थन देते हुए इस सच को जल्द से जल्द सामने लाने का सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है ..

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