चिरनिद्रा में सदा के लिए सोया कौन है ये ? काश इन्हें वो पहचान पाते जिनके हाथो में पत्थर हैं, उनके आका भले ना बताये पर हम बताते हैं

बहुत ही जल्द टूटेगी गुलामी की ये जंजीरें ,

किसी दिन देखना आज़ाद ये हिन्दोस्ता होगा ….

दिया गया चित्र महान बलिदानी और आज़ादी के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर गए परम बलिदानी अशफ़ाक़उल्ला खान जी का है . ये दुर्लभ तस्वीर इस माहाबलिदानी की फांसी के तुरंत बाद जारी हुई थी जिसे ना जाने क्यों गुमनामी के अँधेरे में रखा गया. कश्मीरी पत्थरबाजों को काश यदि ऐसे वीरों की तस्वीरें दिखाई जाती और उन्हें इनके बारे में बताया जाता तो शायद हालात कुछ और ही होते …

सुदर्शन न्यूज गुमनामी में चले गए ऐसे वीरो को दुनिया के आगे लाता रहेगा जब तक उन्हें उनका असली मुकाम नहीं मिल जाता है . यदि हमारे प्रयासों से ऐसे वीरों की तस्वीरें कुछ राष्ट्रप्रेमियों के मोबाइल , उनके पर्स या उनकी आत्मा में बस जाए तो हम अपने प्रयासों में स्वयं को सफल मानेगे क्योंकि सुदर्शन न्यूज मानता है की आज़ादी सिर्फ खड्ग बिना ढाल के नहीं आई थी और आज़ादी पर सिर्फ कुछ उन्ही लोगों का अधिकार नहीं है जिनका अंधाधुंध प्रचार किया गया हो….

हमारा साथ दें . 

आज़ादी का महायोद्धा अशफाकउल्ला खान को सुदर्शन न्यूज का बारम्बार प्रणाम … 

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