1 जून- “विश्व दुग्ध दिवस” पर संकल्प लीजिये अमृतमय दुग्ध का एकमात्र स्रोत “गौ माता” की रक्षा का . जुड़िये “सुदर्शन SAVE COW ” ट्रस्ट से

कहा जाता है की स्वस्थ्य तन में ही स्वस्थ मन का वास होता है . ये सब जान कर और समझ कर ही सुदर्शन न्यूज ने गौ वंश की रक्षा का संकल्प लिया है . भले ही आज विश्व में दुग्ध दिवस मनाया जा रहा है लेकिन गौ वंश की संख्या दिनों दिन कम होती जा रही . जो भारत कभी कृषि प्रधान हुआ करता था आज वही भारत मांस और लहू के कारोबार में प्रधान हो चुका है और जिस भारत में कभी दूध दही की नदियां बहती थी आज वहीँ नकली दूध के छापे मारे जा रहे हैं और विषाक्त दूध से मरने वालों की संख्या हजारों में पहुंच गयी है . ये सब केवल एक कारण से मूलतः हो रहा है और वो है गौ वंश का मज़हबी उन्मादियों द्वारा अंधाधुंध क़त्ल , केवल अपने मज़हबी उन्माद की संतुष्टि के लिए .

अफ़सोस की बात ये है की गौ रक्षको का साथ देने वाला कोई नहीं और गौ हत्यारों के लिए संसद तक बोल पड़ती है . गौ रक्षको को गुंडा और मवाली कह कर सम्बोधित किया जा रहा है उनके भी द्वारा जो अपने लिए शुद्ध दूध चाहते हैं किसी भी कीमत पर . पाऊडर के दूध की बिक्री होना उस दुर्भाग्य को दर्शाता है जो केवल वर्तमान समय के लोगों द्वारा खुद का बनाया माहौल है . बिना गौ वंश की रक्षा के संकल्प के कम से कम आज दुग्ध दिवस मनाना निश्चित रूप से एक बेमानी होगी . 1 जून को वार्षिक आधार पर पूरे विश्व भर के लोगों के द्वारा विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है। प्राकृतिक दुध के सभी पहलूओं के बारे में आम जनता की जागरुकता बढ़ाने के लिये इसे मनाया जाता है जैसे इसकी स्वाभाविक उत्पत्ति, दूध का पोषण संबंधी महत्व और विभिन्न दूध उत्पाद सहित पूरे विश्वभर में इसका आर्थिक महत्व। विभिन्न उपभोक्ताओं और दूध उद्योग के कर्मचारियों के भाग लेने के द्वारा कई देशों (मलेशिया, कोलंबिया, रोमानिया, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका आदि) में इसे मनाने की शुरुआत की गयी।

विश्व दुग्ध दिवस के पूरे उत्सव के दौरान दूध को एक वैश्विक भोजन के रुप में केन्द्रित किया जाता है। ऑनलाइन अपने वेबसाइट पर अंतरराष्ट्रीय डेयरी संघ के द्वारा ढ़ेर सारे विज्ञापन संबंधी क्रिया-कलापों (एक स्वस्थ और नियंत्रित भोजन के रुप में दूध के महत्व को बताना) की शुरुआत की गयी है। पूरे दिन प्रचार संबंधी गतिविधियों के द्वारा आम लोगों के लिये दूध के महत्व के संदेश को फैलाने के लिये एक-साथ काम करने के लिये उत्सव में स्वास्थ्य संस्थाओं से विभिन्न सदस्य भाग लेते हैं। दूध की सच्चाई को उनको समझाने के लिये विश्व दुग्ध दिवस उत्सव बड़ी जनसंख्या पर असर डालता है। दूध शरीर के द्वारा जरुरी सभी पोषक तत्वों का एक बहुत अच्छा स्रोत है जिसमें कैल्सियम, मैगनिशियम, जिंक, फॉसफोरस, ऑयोडीन, आइरन, पोटेशियम, फोलेट्स, विटामिन ए, विटामिन डी, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी12, प्रोटीन,स्वस्थ फैट आदि मौजूद होता है। ये बहुत ही ऊर्जायुक्त आहार होता है जो शरीर को तुरंत ऊर्जा उपलब्ध कराता है क्योंकि इसमें उच्च गुणवत्ता के प्रोटीन सहित आवश्यक और गैर-आवश्यक अमीनो एसिड और फैटी एसिड मौजूद होता है।

जुड़िये हमारे सुदर्शन ” SAVE COW ” अभियान से और बनाइये भारत को एक बार फिर से गौ वंश का वो देश जहाँ शुद्ध दूध और दही की नदियां बहती थी .. मांस और रक्त के कारोबार से मुक्त करवाने के लिए आज विश्व दुग्ध दिवस पर भारत को फिर से विश्वगुरु बनाने के लिए गौ माता कोई रक्षा का संकल्प लीजिये .. ये प्रयास आपका आपकी आने वाली उस पीढ़ी के लिए होगा जिसे आपने ही जीवन दिया होगा और उसको भी स्वस्थ्य रहने का पूरा अधिकार होगा .. हमारे गौ रक्षा अभियान से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को क्लिक कीजिये और बनाईये एक बार फिर से भारत को कृषि प्रधान देश के साथ साथ भगवान कृष्ण के समय का गौ प्रधान देश ….

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