सभी विवादित स्थलों पर बंद हो नमाज…जानिये कहाँ से उठी है ये मांग

सैय्यद वसीम रिजवी जो शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन हैं तथा पिछले कुछ समय से अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण का समर्थन कर रहे हैं, अब वसीम रिजवी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को एक और चिट्ठी लिखी है जिसमें उन्होंने मांग की है कि कि विवादित जगहों पर नमाज को रोका जाये. जो जगह विवादित हैं वहां नमाज को पढ़ना बंद किया जाये क्योंकि विवादित जगहों पर इबादत करने की, नमाज पढने की इस्लाम में मनाही है. 

ज्ञात हो कि अभी कुछ दिनों पहले ही वसीम रिजवी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को एक पत्र लिखकर देश की 9 मस्जिदें हिन्दुओं को वापस देने की मांग की थी जिसमें अयोध्या, मथुरा तथा काशी शामिल हैं. रिजवी ने कहा था कि ये वो मस्जिदें हैं वो कभी मंदिर थे तथा जिन्हें मुस्लिम शासकों ने जबरन कब्जा करके तोडकर मस्जिद में बदल दिया था. वसीम रिजवी ने एक बार उन्हीं 9 मस्जिदों में नमाज बंद करने की मांग की है जहाँ पर कुछ इतिहासकारों ने मंदिर तोड़कर मजिस्द बनाए जाने की बात कही है. सैय्यद वसीम रिजवी ने कहा है कि ऐसे विवादित स्थलों पर नमाज बंद होनी चाहिए क्योंकि किसी विवादित स्थल पर नमाज का कोई औचित्य नहीं है.

वसीम रिजवी ने एक बार फिर अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण निर्माण की बात को दोहराते हुए कहा कि जिसे बाबरी मस्जिद कहा जा रहा है, वह सुन्नियों की मस्जिद नहीं शियाओं की है. हम मस्जिद को अपना मानते हैं लेकिन ये भी मानते हैं कि यहाँ कभी श्रीम राम मंदिर था. रिजवी ने कहा कि हम इससे संबंधित मुकदमे में पक्षकार हैं और हमने हिंदू पक्षकारों से बातचीत करते हुए एक समझौता दाखिल किया है जिसमें अयोध्या और उसके परिक्रमा में क्षेत्र में कोई भी मस्जिद न बनाने का फैसला लिया है. जैसा कि हम इतिहासकारों के हवाले से सुनते आ रहे हैं कि अयोध्या में मंदिर तोड़कर मजिस्द बनाई गई थी, लिहाजा ऐसी मस्जिद में नमाज उचित नहीं है.
सैय्यद वसीम रिजवी ने कहा कि हम चाहते हैं कि अयोध्या का विवादित स्थल हिंदुओं को सौंप दिया जाए तथा हमें कहीं और जगह दी जाए जहां पर मस्जिद ए अमन बना सके. हम उन मुगल शासकों के नाम पर कोई मस्जिद नहीं बनाना चाहते जिनका इतिहास भारतीयों के लिए काला रहा है.

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