#अयोध्या में मस्जिद मुसलमानों को नहीं बल्कि नेताओं को चाहिए- सैय्यद इकबाल … खामोश हुए राजनेता

अयोध्या में प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण का निर्माण हो, इसके लिए हिन्दू समाज का बच्चा-2 प्रतिबद्ध है तथा संकल्पित है. हालाँकि देश में ऐसी ताकतें हैं जिन्होंने अयोध्या में राम मंदिर को एक राजनैतिक मुद्दा बना दिया है तथा जानबूझकर इस कार्य में अडंगा डाल रही हैं तथा हिन्दुओं की आस्थाओं का दमन कर रही हैं. राम मंदिर निर्माण में रोड़े अटका रहे राजनेताओं पर यूपी अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य  सैय्यद इकबाल हैदर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि देश का मुसलमान नहीं चाहता कि श्रीराम जन्मभूमि पर मस्जिद का निर्माण हो, बल्कि मुसलमान तो ये चाहता है कि अयोध्या में श्रीराम का मंदिर बने.

उन्होंने कहा कि कुछ लोग हैं जो बदनाम करने के लिए कहते हैं कि मुसलमान मंदिर निर्माण के विरोध में है, जबकि ऐसा नहीं है. बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी को आड़े हाथों लेते हुए सैय्यद इकबाल हैदर ने कहा कि कमेटी सिर्फ राजनीति की रोटी सेंक रही है तथा मुसलमानों को बदनाम कर रही है. सोमवार को बलरामपुर जिले के भ्रमण पर पहुंचे यूपी अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सैय्यद इकबाल हैदर का गर्मजोशी से स्वागत हुआ. फरवरी में आयोग के सदस्य बनने के बाद इकबाल हैदर पहली बार किसी जिले के भ्रमण पर जिले में पहुंचे थे. नगर के एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर हमारा नजरिया स्पष्ट है कि ‘मुस्लिमों का है ये अरमान, मंदिर का हो वहीं निर्माण’.

सैय्यद इकबाल हैदर ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण देश के 100 करोड़ हिन्दुओं की भावनाओं से जुड़ा मामला है तथा जहां पर किसी की आस्था या भावनाओं का मामला हो तब वहां पर संकीर्ण विचारधारा से किसी के खिलाफ नहीं जुड़ना चाहिए. सैय्यद इकबाल हैदर ने कहा कि इस्लाम में हर चीज बिल्कुल साफ है, जहां पर कोई विवाद हो, कोई झगड़ा हो या किसी की भावनाएं आहत होती हों उस स्थान पर नमाज पढ़ना बिल्कुल ही जायज नहीं है. इकबाल हैदर ने कहा कि ये कुरान व हदीस में भी है और आम मुसलमान भी ये चाहता है कि वहां पर मंदिर बन जाए और ये झगड़ा हमेशा के लिए खत्म हो जाए. उन्होंने कहा कि अयोध्या में मस्जिद मुसलमान नहीं चाहता बल्कि राजनेता चाहते हैं.

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