पहली बार हिन्दुओं के महाकुंभ में संत करेंगे मुस्लिम महिलाओं के दर्द पर विचार… इस बार का कुंभ होगा बेहद ख़ास

2019 में तीर्थराज प्रयागराज में महाकुंभ लगना है, जिसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. प्रयाग में लगने वाले महाकुंभ में विश्वविजयी भारतीय संस्कृति, सभ्यता, परंपरा का दर्शन समूर्ण दुनिया कर रही होगी ठीक उसी समय संत समाज इस बार के महाकुंभ में ऐसा प्रयास कर रहा होगा जो 2019 के कुंभ को हर बार से अलग बनाएगा. हिन्दुओं के पावन महाकुभ में इस बार मुस्लिम महिलाओं को दी जाने वाली अंतहीन प्रताडनाओं पर चर्चा कर रहे होंगे तथा उनकी समस्याओं को दूर करने पर भी चर्चा की जायेगी.

खबर के मुताबिक़, प्रयागराज में जनवरी 2019 से शुरू होने जा रहे कुंभ मेले में साधु संतों विश्व की सबसे बड़ी धर्म संसद में में राम मंदिर, गौ रक्षा और गंगा की अविरलता व निर्मलता के साथ ही साधु-संत तीन तलाक के मुद्दे पर भी विचार विमर्श करेंगे. साधु संत तलाक की व्यवस्था को समाप्त करने की धर्म संसद में मांग करेंगे. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है कि जिस तरह से हिन्दुओं में विवाह के बाद जीवन भर निर्वाह की व्यवस्था दी गई है. उसी परंपरा का पालन करते हुए मुसलमानों में एक शादी और तलाक की व्यवस्था को ही समाप्त किया जाना चाहिए.

महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि तलाक देने से मुस्लिम महिलाओं के साथ बड़ा अन्याय होता है. वहीं तीन तलाक को रोकने की धर्म संसद में रोकने की मांग की जायेगी. महंत नरेंद्र गिरी ने अासम में 40 लाख लोगों को एनआरसी ( नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजनशिप) से बाहर किये जाने के सरकार के फैसले का समर्थन किया. उन्होंने कहा है कि एनआरसी से बाहर किये गए लोगों के पास देश का नागरिक होने का कोई प्रमाण नहीं है और घुसपैठ कर देश में रह रहे लोग देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं. उन्होंने एनआरसी से बाहर चालीस लाख लोगों को तत्काल देश से बाहर किए जाने की मांग की है. महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि जो लोग देश के नागरिक नहीं हैं उन्हें तत्काल बाहर भेज देना चाहिए

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