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पहली बार किसी नामी हस्ती ने खुले मंच से कहा– “चंद्रशेखर आजाद की ह्त्या में नेहरू की थी साजिश”… देश में शुरू हुई एक नई बहस

चंद्रशेखर आजाद एक ऐसा नाम है जिसके जेहन में आते ही हर हिंदुस्तानी के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. हाथ में पिस्टल, शरीर पर जनेऊ, मूंछों पर ताव देते हुए दमकते चेहरे वाली आजादी के अमर योद्धा चंद्रशेखर आजाद की छबि जब भी किसी हिन्दुस्तानी के सामने आती है तो रगों में लहू लावा बनकर दौड़ने लगता है तथा हर हिन्दुस्तानी अपनी माँ भारती की रक्षा के लियी जीने-मरने का संकल्प ले रहा होता है. वो आजाद जिन्होंने अंग्रेजी दासता की गुलामी की जंजीरों से भारतमाता को मुक्त कराने के लिए आपने प्राणों की आहुति दी, उन आजाद के लिए हर राष्ट्रवादी के मन में एक बात गाहे-बगाहे उठने ही लगती है कि आखिर वो कौन था जिसने अंग्रेजों से आजाद जी की जासूसी की थी कि चंद्रशेखर एल्फ्रेड पार्क में मौजूद हैं ?क्या कोर्इ हिंदुस्तानी था जो उन्हें मरवाना चाहता था? या फिर अंग्रेजों ने ही उनके पीछे जासूस छोड़े हुए थे?

इस प्रश्न के जवाब में कहीं न कहीं से ये जवाब भी सामने आता है कि देश के प्रथम प्रधानमन्त्री जवाहरलाल नेहरू ने आजाद जी की जासूसी की थी तथा उनकी ह्त्या में नेहरू जी का हाथ था. लेकिन अब देश की एक नामी हस्ती ने खुले मंच से कहा है कि चंद्रशेखर आजाद जी की ह्त्या में नेहरू जी का हाथ था और ये दावा करने वाले का नाम है सुजीत आजाद जो चंद्रशेखर आजाद जी के भतीजे हैं. सुजीत आजाद ने बताया कि ये कोर्इ और नहीं, बल्कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ही थे जिन्होंने अंग्रेजों को चंद्रशेखर आजाद के कंपनी बाग में होने की सूचना दी थी. इसके बाद अंग्रेजों ने चंद्रशेखर आजाद को घेर लिया था. अपनी आखिरी गोली तक वे लड़े और बाद में अपने हाथों को खुद को शहीद कर दिया. उससे पहले विद्यार्थी जी के कहने पर वे भगत सिंह की आजादी के लिए एचएसआरए का खजाना लेकर नेहरू के पास गए थे. उन्होंने ने केवल खजाना हड़प लिया, बल्कि आजाद के साथ धोखा किया. सुजीत आजाद द्वारा हुतात्मा चंद्रशेखर आजाद जी की ह्त्या का दोषी नेहरू जी को ठहराए जाने पर देश में एक नई बहस छिड़ गयी है.

सुजीत आजाद ने कहा कि इस बारे में तमाम प्रमाण मौजूद हैं, लेकिन इस बारे में आज तक कोर्इ इंक्वायरी नहीं हुई, इस बारे में आज तक किसी ने जानने की कोशिश ही नहीं की. जिस इंसान को उनके जिंदा होने तक अंग्रेजों तक को भनक नहीं लगी तो उनके बाग में होने की जानकारी कैसे उन्हें मिली. मैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग करता हूं कि इस मामले की जांच होनी चाहिए तथा सत्ता के लिए नेहरू की ओर से चंद्रशेखर आजाद जी के साथ किए गए षडयंत्र की सजा मिलनी चाहिए व उनका भारत रत्न भी छीना जाना चाहिए. सुजीत आजाद ने कहा आज शहीदों के परिवार संकट में हैं लेकिन शहीदों ने जो अंग्रेजी खजाना लूटा था, उस पैसे के दम पर आज गांधी नेहरू परिवार मौज कर रहा है. सुजीत आजाद ने कहा कि देश का यह दुर्भाग्य है कि देश की स्वाधीनता में अपना योगदान देने वाले क्रांतिकारियों की उपेक्षा की गई. लेकिन वर्तमान सरकार इस दिशा में बेहतर काम कर रही है तथा क्रांतिकारियों को सम्मान मिल रहा है. उन्होंने बताया सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति लगाने की माग की गई. इस पर उन्होंने अपनी सहमति जताई है. जल्द ही लखनऊ समेत अन्य शहरों में चंद्रशेखर आजाद की 100 फीट की मूर्ति लगेगी.

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