1 दिसम्बर: सैल्यूट कीजिये भारत की सीमाओं के सजग प्रहरियों को आज BSF स्थापना दिवस पर, जो तन कर खड़े हैं राजस्थान की रेत, हिमालय के बर्फ व असम की बरसात में भारतवासियों की रक्षा के लिए


जरा कल्पना कीजिये उस स्थान की जहाँ ऊपर से सूरज चमक रहा हो और नीचे रेत भट्टी जैसी तप रही हो, बीच बीच मे रेगिस्तानी आंधी आ रही हो. ऐसी जगह जाना तो दूर कोई सोचना भी नही चाहेगा जाने की लेकिन वहां भी 24 घण्टे बिना पलक झपकाए तैनात हैं हमारे राष्ट्र के सजग प्रहरी ..फिर विचार कीजिये हजारों फुट ऊपर हिमालय की उन चोटियों की जहां नसों को फाड़ देने वाली ठंडक पड़ती हो, सूर्यदेव के दर्शन न के बराबर हो, सामने से गोलियां, मोर्टार चल रहे हो और पीछे से कभी कभी पत्थरबाजी..लेकिन ऐसी जगहों पर भी खड़े मिलेंगे हमारे राष्ट्र के रक्षक ..फिर अंतिम में विचार करें उस स्थान का जहां सीमा के उस पार घुसपैठिये दिन रात भारत मे घुसने की फिराक में खड़े हों.. वहां पलक झपकाने का भी अर्थ है कि राष्ट्र की सीमाओं मेँ एक और अवैध घुसपैठी दाखिल हुआ, ऊपर से भारी बारिश , लेकिन वहां भी राष्ट्र के रक्षक आपको ज्यों का त्यों खड़े दिखेंगे    जी हां, भारत के लिए असंख्य बलिदान देने वाली उसी जांबाज़ों की टोली BSF जिसको सीमा सुरक्षा बल कहा जाता है , का आज अर्थात 1 दिसम्बर को स्थापना दिवस है ..

राष्ट्र आज सैल्यूट कर रहा वतन की सीमाओं के उन सभी रखवालो को जो सीमाओं पर ही सदा के लिए अमरता को प्राप्त हो गए ..बीएसएफ दुनिया मे सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा दल है यह 1 दिसंबर 1965 को अस्तित्व में आया था।सीमा रक्षा सेना है। यह एक अर्धसैनिक बल है, जिसकी स्थापना वर्ष 1965 में शांति के समय के दौरान भारत सीमाओं की रक्षा और अन्तर्राष्ट्रीय अपराध को रोकने के लिए की गई थी। यह बल केंद्र सरकार की ‘गृह मंत्रालय’ के नियंत्रण के अंतर्गत आता है। इतना ही नही बांग्लादेश की आज़ादी में ‘सीमा सुरक्षा बल’ की अहम भूमिका शब्दों में बखान से परे   है..आज वर्ष 2018 में बीएसएफ अपना 53 वां स्थापना दिवस मना रही है।

बीएसएफ के जवान देश की रक्षा के लिए अत्याधुनिक सर्विलांसिंग और मारक उपकरणों से लैस होते हैं। बीएसएफ सीमा पर निगरानी के लिए थर्मल इमेजिंग डिवाइस, हाइटेक राडारों और नाइट विजन कैमरों का इस्तेमाल करती है। जम्मू कश्मीर में करीब 165 किमी की सीमा पर अनेकों पोस्टों पर बीएसएफ के जवान दिन रात देश की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। सीमा पर घुसपैठ या किसी अप्रिय स्थिति अथवा हमले से निपटने के लिए बीएसएफ के जवानों द्वारा हाइटेक हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है। इन हथियारों में हाइटेक मोर्टार लांचर और ऑटोमैटिक मशीन गन्स समेत कई नई तकनीकी के आयुध शामिल हैं।

सीमा सुरक्षा बल (बी.एस.एफ.) पाकिस्तान से लगती गुरदासपुर सैक्टर की सीमाओं को और मजबूत बनाने के लिए 50 नर्इ सर्विलांस पोस्टें स्थापित करेगा। इस इलाके की अधिकतर हिस्सों की भूमि नहरी होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से यह काफी महत्वपूर्ण है। बी.एस.एफ. सूत्रों  के मुताबिक यह काम 1 साल के अंदर पूरा हो जाएगा। इसके अलावा दूसरे इलाकों में भी अतिरिक्त सर्विलांस पोस्टें स्थापित करने की भी योजना है। यह पोस्टें मॉड्यूलर एल्यूमीनियम पैनलों के साथ बनाईं जाएंगी, जिनकी ऊंचाई अलग -अलग होगी, जिसके साथ बी.एस.एफ. के जवानों की तरफ से सरहद पार हो रही गतिविधियों पर पूरी नज़र रखी जाएगी। दुश्मन देेश की किसी भी नापाक हरकत का पहला प्रतिउत्तर देने वाली जांबाज़ों की टोली को आज सुदर्शन परिवार बारम्बार नमन करते हुए दिवंगत सभी बलिदानियों को बारम्बार नमन करता है और उनका यशगान सदा सदा के लिए गाते रहने का संकल्प लेता है .. एक बार पुनः BSF स्थापना दिवस की सभी राष्ट्रप्रेमियों को बारम्बार व हार्दिक शुभकामनाएं ..


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