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7 दिसम्बर – “सशस्त्र सेना झंडा दिवस” पर याद करें राष्ट्र के लिए न्योछावर हो गए सभी वीर बलिदानियों को और साथ दें उनके परिजनों का

ये वो दिन है जब देश की रक्षा के लिए खुद का जीवन समर्पित कर गए वीर बलिदानियों के परिवार वालों को राष्ट्र याद करता है और उन्हें हर सुख दुख की घड़ी में सहयोग देने के लिए हाथ बढ़ाता है .. आज का दिन “सशस्त्र सेना झंडा दिवस” के रूप में पूरे भारत मे मनाया जाता है और देश की सीमाओं व आपातकाल में तैनात वर्दी वाले फरिश्तों को ये विश्वास दिलाता है कि ये राष्ट्र और उसके लिए आपके पीछे हैं और आप अपने परिजनों के लिए निश्चिंत रहिएगा ..ये दिन प्रेरणा देता है, मनोबल देता है उन लाखों योद्धाओं को रणभूमि में डट कर खड़े रहने की जो भारतीय सशस्त्र बल के सैनिक कहे जाते हैं और अपने बाहुबल से भारत की अखंडता को बचाये हुए हैं ..आईये जानते हैं इस महान दिन की महानता के बारे में और मनाते हैं इसको पूरी श्रद्धा और समर्पण से ..

सशस्त्र झंडा दिवस पर जांबाज सैनिकों व उनके परिजनों के प्रति नागरिक एकजुटता प्रदर्शित करने का दिन है, अत: हर एक नागरिक का कर्तव्य है कि वे सात दिसंबर को सैनिकों के सम्मान व उनके कल्याण में अपना योगदान दें। इस दिन धनराशि का संग्रह किया जाता है। यह धन लोगों को झंडे का एक स्टीकर देकर एकत्रित किया जाता है। गहरे लाल व नीले रंग के झंडे के स्टीकर की राशि निर्धारित होती है। लोग इस राशि को देकर स्टीकर खरीदते हैं और उसे पिन से अपने सीने पर लगाते हैं। इस तरह वे शहीद या हताहत हुए सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट करते हैं। जो राशि एकत्रित होती है, वह झंडा दिवस कोष में जमा कर दी जाती है।
सैनिक कल्याण को मिलने वाली दानराशि का उपयोग भारतीय सेना के तीनों अंगों के शहीद जवानों के आश्रितों, विकलांग सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के पुनर्वास व कल्याण के लिए किया जा है। इससे उन्हें लाभ मिलेगा। आज सौनिको के परिवारों को समर्पित इस भावनापूर्ण दिवस पर सुदर्शन परिवार नमन करता है रणभूमि में दुश्मनों से राष्ट्र की रक्षा करते सभी ज्ञात अज्ञात वीर बलिदानियों को और साथ ही बारम्बार प्रणाम करता है उनके महान परिजनों को जिन्होंने अपने वर्दी वाले परिजन को राष्ट्र की अखंडता बचाये रखने के लिए समर्पित कर दिया था ..जय हिंद की सेना ..

 

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