मैकाले शिक्षा पद्धति के विरोध व गुरुकुलों के पुनर्स्थापना के लिए सुरेश चव्हाणके जी के प्रयासों की पुष्टि कर गये #UPCM योगी आदित्यनाथ.. बोले- “गुरुकुल पद्धति छूटने से पीछे रह गया हिन्दू समाज”

सुदर्शन हमेशा से भारतीय सभ्यता, संस्कृति तथा संस्कारों को कुचलने वाली मैकाले की शिक्षा पद्धति के खिलाफ तथा गुरुकुल प्रणाली को पुनः लागू करने की बात करता रहा है. भारत के पुरातन गौरव को वापस लौटाने के लिए गुरुकुल शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता है, सुदर्शन टीवी के चेयरमैन श्री सुरेश चव्हाणके जी के प्रयासों की पुष्टि की है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी ने. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि गुरुकुल प्रणाली खत्म होने से भारत की प्रतिष्ठा कम हुई है.

गुरुकुल कुरुक्षेत्र के दो दिवसीय 106वें वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि केवल अक्षर ज्ञान ही शिक्षा नहीं, बल्कि सुसंस्कारित गुरुकुल शिक्षा की ज्ञान गंगा पूरे विश्व में प्रवाहित होनी चाहिए. गुरुकुल शिक्षा पद्धति विद्यार्थियों में अनुशासन व प्रेम की भावना जागृत कर समाज उत्थान में अहम भूमिका निभाती है. गुरुकुल शिक्षा पद्धति विश्व में सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित होगी, जिससे समाज को एक नई दिशा व मार्गदर्शन मिलेगा. योगी जी ने कहा कि इसके द्वारा विद्यार्थी सशक्त व समस्याओं का निराकरण करने में सक्षम बन जाते हैं. इसलिए गुरुकुल शिक्षा पद्धति से जुड़ना अत्यंत आवश्यक है.

योगी आदित्य नाथ ने कहा कि आज विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में हो रही अनुशासनहीनता और अराजकता ¨चतित करती है. यह भारत के भविष्य के बारे में सोचने को मजबूर कर देती है. उन्होंने कहा कि उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि देश के एक विश्वविद्यालय में रामनवमी के कार्यक्रम की बजाय रावण के जन्म दिन के उत्सव मनाए जाते हों. दुर्गाशक्ति के उत्सव की जगह हिरण्यकश्यप की जयंती मनाई जाती हो. देश की जनता से कर से संचालित होने वाली एक विश्वविद्यालय में गोमांस की पार्टी भी होती है. कश्मीर को देश से अलग करने के नारे लगाए जाते हैं. ऐसे में दूसरी तरफ गुरुकुल कुरुक्षेत्र जैसी संस्था भी हैं, जो संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के कार्य भी कर रही है.

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