टिकट बेचने की मंडी बता गया अपनी ही पार्टी को.. कौन सी पार्टी है जिस पर आरोप है टिकट बेचने का

वो नेता जिसे कांग्रेस पार्टी का बेहद कद्दावर नेता माना जाता था, वो नेता जिसके बारे में कहा जाता था कि वह 10 जनपथ का बेहद करीबी है.. उस नेता ने कांग्रेस पार्टी पर करारा हमला बोलते हुए उसे तिक्त बेचने की मंडी करार दिया है. हम बात कर रहे हैं कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता तथा भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) के पूर्व सदस्य पी. सुधाकर रेड्डी की, जिसने कांग्रेस पर टिकट बेचने के आरोप लगाये हैं. कांग्रेस पर टिकट बेचने के आरोप लगाने के बाद सुधाकर रेड्डी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.

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सुधाकर रेड्डी ने इस्तीफा देने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र भी लिखा था. राहुल गांधी को लिखे खत में रेड्डी ने कहा, ‘दुर्भाग्य से कांग्रेस पार्टी के मूल्य और इसकी परंपरा पार्टी के सिद्धांतों के उलट हो गए हैं. 2018 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव, एमएलसी चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में टिकटों के बंटवारे में पैसों का प्रभाव काफी बढ़ गया है.’ स्टेट लीडरशीप की नाकामी के लिए कथित भ्रष्टाचार और गलत प्रथाओं को जिम्मेदार बताते हुए रेड्डी ने दावा किया, ‘यह जानकर धक्का लगता है कि पार्टी के टिकटों के लिए करोड़ों रुपये की मांग की जा रही है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में टिकट बंटवारे के इस कदर व्यवसायीकरण ने मुझे पार्टी छोड़ने पर विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है.’

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सुधाकर रेड्डी ने साथ में जोर देकर कहा कि उन्होंने इन चीजों को पार्टी नेतृत्व के संज्ञान में लाने की कोशिश की, लेकिन ये कोशिशें नाकाम रहीं. उन्होंने कहा, ‘मैंने तथ्यात्मक जमीनी हकीकत को हाई कमान तक पहुंचाने की हर मुमकिन कोशिश की लेकिन बिचौलियों की वजह से शीर्ष नेतृत्व तक यह बात नहीं पहुंची. मैं कांग्रेस पार्टी और बड़े नेताओं के रवैये से नाराज था. आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर पर कांग्रेस नेताओं का रुख अस्थिर रहा है….इससे पार्टी और उसके नेताओं की छवि खराब हुई है.’ उन्होंने आगे लिखा है कि चूंकि पार्टी देशवासियों की भावनाओं को समझने में नाकाम रही है, मुझे लगता है कि कांग्रेस पार्टी में बिचौलियों और गैरजिम्मेदार लोगों के साथ काम करना जारी रखना उचित नहीं है. मैं पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूँ.

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