राष्ट्र जानता है की किसने किया पावन राष्ट्रगीत वन्देमातरम का अपमान – अमित शाह

ये वो पावन धुन है जिसको गाते हुए आज़ादी की सशत्र क्रांति की गयी थी . इसी धुन में कई वो अंग्रेज पिस गये थे जो नापाक नजर को ले कर हमारे राष्ट्र को कब्ज़ा करने आये थे . उस धुन के रचियता का कल जन्म दिवस था .. लेकिन उस धुन का कर दिया गया राजनीतिकरण . भारत में जो भी रुके थे बंटवारे के समय वो मज़हबी नहीं बल्कि राष्ट्रवाद की भावनाओं से ऐसा बताया जाता है क्योकि उस समय हिन्दू हो या मुस्लमान , केवल एक ही बात कही गयी थी की जिसे मज़हब प्यारा था वो पाकिस्तान चले गए और जिसे राष्ट्रवाद प्यारा है वो भारत में रहे .. लेकिन अचानक ही मज़हबी भावनाये हिलोरे मारने लगी और इस महान धुन के लिए कोई गद्दार कहता है कि उसकी गर्दन पर चाकू रखने के बाद भी वो वन्देमातरम नहीं गायेगा  तो किसी ने कहा की राष्ट्रगीत गाने की अनिवार्यता खत्म हो .. .

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  श्री अमित शाह  ने उसी मुद्दे को देश और दुनिया के आगे रखा .. उन्होंने राष्ट्रगीत के अपमान के मुद्दे पर एक बार फिर से कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। शाह ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के लिए कांग्रेस ने जानबूझकर वंदे मातरम गीत के एक हिस्से को प्रतिबंधित कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बंकिम चंद्र चटोपाध्याय के विचार का अपमान किया है और उनके गीत के हिस्से को इसलिए प्रतिबंधित किया ताकि उसकी तुष्टिकरण की राजनीति चलती रहे। शाह ने यह बयान कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित पहले बंकिम चंद्र चटोपाध्याय मेमोरियल लेक्चर के दौरान दिया।

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि भारत किसी भू-भाग विशेष से नहीं जुड़ा है, बल्कि यह अलग-अलग संस्कृति से जुड़ा है। भारत के राष्ट्रवाद की परिभाषा इतनी छोटी नहीं हो सकती है। वंदे मातरम को किसी भी रूप में धर्म विशेष से नहीं जोड़ा जा सकता है। लेकिन कांग्रेस ने ऐसा किया है, उसने गीत के हिस्से को प्रतिबंधित करके इसे धर्म विशेष से जोड़ा। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी राष्ट्रीय गीत का सम्मान नहीं किया और उसने जानबूझकर बंकिम चंद्र के विचार को नजरअंदाज किया। यही नहीं कांग्रेस ने जानबूझकर राष्ट्रीय गीत के दो पैराग्राफ को प्रतिबंधित कर दिया था और पूरे गीत को स्वीकार नहीं किया। उसने ऐसा इसलिए किया ताकि उसकी तुष्टिकरण की राजनीति चलती रही। शाह यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को किसी भी धर्म से नहीं जोड़ा जा सकता है, लेकिन कांग्रेस ने इस धर्म विशेष से जोड़ा। 

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