समाजवादी के बाद अब वामपंथी भी हुए मोदी के मुरीद.. कम्युनिस्ट पार्टी ने निकाला महाराष्ट्र के उस कद्दावर वामपंथी नेता को जो फिर से देखना चाहता है मोदी को प्रधानमन्त्री

अभी कुछ दिन पहले मुलायम सिंह यादव का संसद में दिया गया एक बयान बना था राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय . उस बयान में समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने भरी संसद में भारतीय जनता पार्टी को फिर से पूर्ण बहुमत में आने की कामना करते हुए नरेन्द्र मोदी को फिर से प्रधानमन्त्री बनने का आशीर्वाद दिया था . उस समय इसका खंडन तक किसी समाजवादी पार्टी के नेता या विपक्ष ने नहीं किया था और सब के सब इस मुद्दे पर खामोश रहे थे .

लेकिन एक बार फिर से समाजवादियो से चली ये लहर अब पहुच गयी है वामपंथियो तक भी . एक वामपंथी नेता भी अब हो गया है नरेन्द्र मोदी का मुरीद और उनको दुबारा प्रधानमन्त्री पद पर बैठा देखना चाहता है . इस खबर के वायरल होते ही वामपंथी पार्टी के शीर्ष स्तर पर खलबली मच गयी और उन्ह्नोए आनन फानन में उस कम्युनिस्ट नेता पर गाज गिरा दी . लेकिन सबसे ख़ास बात ये रही कि कार्यवाही होने के बाद भी वो नेता अपने बयान पर और अपनी इच्छा पर कायम है .

ये वामपंथी नेता सिर्फ नरेन्द्र मोदी का ही मुरीद नहीं है बल्कि वो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस का भी फैन है और उनको भी दुबारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के पद पर देखना चाहता है . धानमंत्री नरेन्द्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की कथित तौर पर तारीफ करने पर महाराष्ट्र से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव नरसैया एडम को पार्टी की केन्द्रीय समिति से निलंबित कर दिया गया है। केन्द्रीय समिति कम्युनिस्ट पार्टी की निर्णय लेने वाली एक प्रमुख समिति है..

माकपा के पूर्व विधायक नरसैया एडम ने सोलापुर जिले में एक आवास परियोजना को मंजूरी देने को लेकर नौ जनवरी को सोलापुर में एक रैली में मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सराहना की थी तथा उनका शुक्रिया अदा किया था। एडम सोलापुर जिले से विधायक रह चुके हैं। उन्होंने कहा था कि मोदी को एक और कार्यकाल मिलना चाहिए। उन्होंने मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने के लिए कथित तौर पर शुभकामना भी दी थी। इस बयान पर वामपंथियो में खलबली मची है और उन्होंने इस बयान से खुद को अलग किया है ..

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