रक्षात्मक से अब आक्रामक होती भाजपा कांग्रेस के खिलाफ.. 25 जून को कुरेदेगी 43 साल पुराना ज़ख्म जो बना था कभी नासूर.. आखिर क्या है 25 जून को .. जानिए

बदलते समय में कांग्रेस के लगातार हमलों को देख कर अब भारतीय जनता पार्टी ने आने वाले कई राज्यों में विधानसभा और केंद्र के लोकसभा चुनावों के लिए अभी से कमर कसना शुरू कर दिया है और जिस आक्रामकता के लिए भाजपा की सरकार जानी जाती थी उसी आक्रामकता की तरफ अपनी दिशा को मोड़ दिया गया है . एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी उतरने जा रही है कांग्रेस के खिलाफ उस ४३ साल पहले के ज़ख्म को कुरेद कर जो कभी उनके लिए बन गया था सत्ता तक को छीन लेने वाला नासूर . इस 43 साल पुरानी घटना को भारतीय जनता पार्टी पूरे जोर शोर से आने वाले २५ जून को पूरे देश में उठाएगी और सबको पुराने समाय की वीभत्स्ता में ले जाने की कोशिश करेगी . 

ज्ञात हो की कांग्रेस पर प्रतिउत्तर में हमला करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 25 जून को ‘ब्लैक डे’ मनाने का फैसला किया है, भारतीय जनता पार्टी इसके बहाने पूरी कोशिश करेगी कांग्रेस को घेरने की जिसकी तैयारियां अभी से शुरू कर दी गयी हैं . ध्यान देने योग्य है की भारतीय जनता पार्टी आम जनता का ध्यान विस्मृत हो चुके 1975 के काल में ले जाना चाहेगी जब उस समय में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लागू किए गए इमरजेंसी के विरोध में ब्लैक डे मनाने जा रही है. इसके बाद 26 जून को बीजेपी एक साथ कांग्रेस के खिलाफ पूरे देश में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी, प्रेस कॉन्फेंस में कांग्रेस पर हमले की जिम्मेदारी बीजेपी के मंत्रियों पर होगी. जबकि 26 जून को अमित शाह गुजरात में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.

बीजेपी पूरी रणनीति के साथ इस बार इमरजेंसी के खिलाफ मैदान पर उतरने की तैयारी में है, 1975 में 25 मई के बाद से ही राष्ट्रपति फखरुद्दीन के हस्ताक्षर के बाद देश में आपातकाल लागू किया गया था. आपातकाल के दौरान 26 जून की सुबह तक जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई समेत तमाम बड़े नेता गिरफ्तार कर लिए गए थे. माना जा रहा है कि 25 जून को बीजेपी के ब्लैक डे में केंद्रीय मंत्रियों समेत पार्टी के सभी बड़े नेता हिस्सा लेंगे. गौरतलब है कि 1975 में 25 और 26 जून की रात ही तत्कालीन राष्ट्रपति ने आपातकाल के आदेश पर हस्ताक्षर किए थे और अगली सुबह इंदिरा गांधी ने पूरे देश में आपातकाल लागू करने की घोषणा कर दी थी. 

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