जींद में पहली बार खिला कमल.. राहुल गांधी के साथ मिलकर राफेल का झूठा ढोल बजाने वाले रणदीप सुरजेवाला रहे तीसरे नंबर पर

हरियाणा की जींद विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने इतिहास रचते हुए बड़ी विजय हासिल की है. यह पहली बार है जब जींद की धरती पर कलम खिला है. जींद विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार कृष्ण मिड्ढा ने 12935 वोटों से जीत मिली है. दूसरे स्थान पर जननायक जनता पार्टी के दिग्विजय चौटाला रहे. सबसे बुरा हाल तो कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला का रहा. कांग्रेस के कद्दावर नेता रणदीप सुरजेवाला तीसरे स्थान पर रहे. बीजेपी के कृष्ण मिड्ढा को 50566, जेजेपी के दिग्विजय चौटाला को 37631 तथा कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला को 22740 वोट मिले.

बता दें कि इनेलो के विधायक हरि चंद मिड्ढा की मृत्यु के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी. उनके पुत्र कृष्ण मिड्ढा हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए और वह बीजेपी के टिकट पर उम्मीदवार बने. कांग्रेस ने अपने मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला को उम्मीदवार बनाया. इनेलो ने उमेद सिंह रेढू को अपना उम्मीदवार बनाया. जजपा ने सांसद दुष्यंत चौटाला के भाई दिग्विजय चौटाला को अपना उम्मीदवार बनाया. जींद उपचुनाव के लिए 28 जनवरी को मतदान हुआ था. कुल 75.77 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.

जींद में उपचुनाव कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला की वजह से प्रतिष्ठा की लड़ाई में बदल चुका थी. कांग्रेस ने एक बड़ा दाँव खेलते हुए इस सीट से अपने प्रवक्ता और कैथल विधानसभा सीट से विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला को उम्मीदवार बनाया था. चूँकि रणदीप सुरजेवाला कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं तथा राहुल गांधी के काफी करीबी हैं तो कांग्रेस को उम्मीद थी कि रणदीप सुरजेवाला को उम्मेदवार बनाने से कांग्रेस जीत जायेगी. लेकिन राहुल गांधी के साथ मिलकर राफेल का झूठा ढोल बजाने वाले रणदीप सुरजेवाला को जींद की जनता ने पूर्ती तरह से नकार दिया तथा भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया. जींद सीट पर बीजेपी की जीत के बाद राजनैतिक जानकारों का मानना है कि इस जीत के दूरगामी परिणाम होंगे तथा बीजेपी मजबूत होगी. ये भी संभावना जताई जा रही है हरियाणा में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा के चुनाव भी कराए जा सकते हैं.

Share This Post