Breaking News:

मायावती का आरोप- “मुसलमानों को टिकट नहीं देने की सलाह दी थी अखिलेश ने” .. बसपा और सपा फिर भिड़े


2019 के लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले भारतीय जनता पार्टी नीत NDA गठबंधन के हाथों मिली करारी हार के बाद सपा तथा बसपा में जो सिर फुटव्वल शुरू हुई थी, वो थमती हुई नजर नहीं आ रही है. लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद सपा से गठबंधन तोड़ने का एलान करने वालीं बसपा प्रमुख मायावती ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सनसनीखेज आरोप लगाया है, जिसके बाद यूपी की सियासत का तापमान हाई हो गया है.

24 जून: जन्मदिवस क्रांतिवीर दामोदर हरी चापेकर जी.. जिन्होंने त्याचारी अंग्रेज अफसर रेंड का वध कर फूँका था स्वतंत्रता क्रांति का बिगुल

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने चंद दिन पहले तक अपने गठबंधन सहयोगी रहे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर मुसलमानों को टिकट देने से मना करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अखिलेश नहीं चाहते थे कि लोकसभा चुनाव में मुस्लिमों को अधिक टिकट दिए जाएं. उन्हें डर था कि इससे वोटों का ध्रुवीकरण होगा तथा बीजेपी को फायदा होगा जबकि वह चाहती थी कि अधिक टिकट दिए जाएं तथा उन्होंने अखिलेश की बात नहीं मानी.

शामली पुलिस ने एक बार फिर निर्भयता दी समाज को… अवैध हथियारों को बनाने वाला आलीशान दबोचा गया

मायावती ने रविवार को पार्टी मुख्यालय पर हुई अखिल भारतीय स्तर की बैठक में अखिलेश पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव हारने के बाद अखिलेश ने उन्हें फोन नहीं किया. सतीश मिश्रा ने उनसे कहा कि वे मुझे फोन कर लें, लेकिन फिर भी उन्होंने फोन नहीं किया. मैंने बड़े होने का फर्ज निभाया और मतगणना के दिन 23 तारीख को उन्हें फोन कर उनकी पत्नी डिंपल यादव और परिवार के अन्य लोगों के हारने पर अफसोस जताया. उन्होंने कहा कि 3 जून को जब मैंने दिल्ली की मीटिंग में गठबंधन तोड़ने की बात कही तब अखिलेश ने सतीश चंद्र मिश्रा को फोन किया, लेकिन तब भी मुझसे बात नहीं की.

24 जून – बलिदान दिवस नारी शक्ति की प्रतीक वीरांगना रानी दुर्गावती,, जिन्होंने कामुक और अत्याचारी अकबर को तीन बार युद्ध में हराया तथा आज के दिन प्राप्त की थी वीरगति

मायावती ने कहा कि अखिलेश ने सतीश चंद्र मिश्र से मुझे मैसेज भिजवाया कि मैं मुस्लिमों को टिकट न दूं, क्योंकि उससे और ध्रुवीकरण होगा व बीजेपी को फायदा होगा लेकिन उन्होंने अखिलेश की बात नहीं मानी. मायावती ने यह भी आरोप लगाया कि मुझे ताज कॉरिडोर केस में फंसाने में भाजपा के साथ मुलायम सिंह यादव का भी अहम रोल था. उन्होंने कहा कि अखिलेश की सरकार में गैर यादव और पिछड़ों के साथ नाइंसाफी हुई. इसलिए उन्होंने वोट नहीं दिया.

12 साल की मासूम की मासूम की रूह कंपा देने वाली दास्ताँ.. आलम व अब्दुल सहित दर्जनों लोग नशे की गोलियां देकर साल भर तक करते रहे बलात्कार..

मायावती ने कहा कि कहा कि बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा को सलेमपुर सीट पर विधायक दल के नेता राम गोविंद चौधरी ने हराया, लेकिन अखिलेश ने उनपर कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा कि भितरघात होता रहा और अखिलेश ने भीतरघात करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की. अगर यादवों का पूरा वोट गठबंधन को मिलता तो बदायूं, फिरोजाबाद और कन्नौज जैसी सीटें सपा न हारती. इससे साफ है कि यादव का अधिकतर वोट भाजपा को ट्रांसफर हुआ.

पहले जॉन सलूजा बना फिर राज उपाध्याय तथा तबाह कर दी दो हिन्दू युवतियों की इज्जत जिन्दगी.. लेकिन वो न तो राज था और न ही जॉन सलूजा बल्कि..

मायावती के इस बयान से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की सियासत में मुसलमान सियासी विमर्श के केंद्र में आ गए हैं. खुद को मुसलमानों की हितैषी बताती रही समाजवादी पार्टी सवालों के घेरे में आ गई है. सवाल उठने लगे हैं कि क्या सपा वास्तव में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में मुसलमानों की भागीदारी की विरोधी है? सपा के अध्यक्ष ने आखिर मायावती से मुसलमानों को ज्यादा टिकट न देने के लिए क्यों कहा, सियासी गलियारों में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है. राजनीति से जुड़े लोगों के साथ ही राजनीति के जानकार और गैर राजनीतिक व्यक्ति भी अपने-अपने हिसाब से बसपा सुप्रीमो के इस वक्तव्य की व्याख्या कर रहे हैं. कोई अखिलेश को कठघरे में खड़ा कर रहा है तो कोई इसे मायावती की सियासी माया बता रहा है.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करेंनीचे लिंक पर जाऐं


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share