अखिलेश को खुद उन्ही के परिवार से चुनौती… हिम्मत हो तो कन्नौज से चुनाव के मैदान में मिलना

समाजवादी पार्टी के मुखिया तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भारतीय जनता पार्टी को रोकने के लिए महागठबंधन के तमाम प्रयासों में लगे हुए हैं वहीं अखिलेश यादव को खुद उन्हीं के घर से चुनौती मिली है तथा ये चुनौती है कन्नौज से चुनाव लड़ने की. अखिलेश यादव को ये चुनौती दी है उनके चाचा शिवपाल यादव के बेटे तथा उनके चचेरे भाई आदित्य यादव ने. आदित्य यादव ने अपने चचेरे भाई व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर वह कन्नौज लड़े तो हमारा मोर्चा उन्हें हरा देगा.

खबर के मुताबिक, आदित्य ने कहा, “हम अपने प्रत्याशी की घोषणा जल्द करेंगे. मुलायम सिंह की सीट मैनपुरी के अलावा, हम सभी सीट से अपने प्रत्याशी उतारेंगे.” आदित्य यूपीपीसीएफ के चेयरमैन और इफ्को निदेशक के पद पर हैं. आदित्य यादव के कन्नौज के दावे को दोनों भाइयों के बीच खुली चुनौती के रूप में देखा जा रहा है. यह भी साफ हो गया है कि समाजवादी सेक्युलर मोर्चा कन्नौज से अपना प्रत्याशी उतारेगा. ‘अंकुर भैया’ के नाम से मशहूर आदित्य युवाओं के पूरा समय देकर अपने पिता की पार्टी को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं. वह युवाओं से अपनी पार्टी में शामिल होने और सामाजिक अन्याय तथा सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ने की अपील कर रहे हैं. खबरों के मुताबिक, इस समय जूनियर यादव से बड़ी संख्या में युवा मिलने आ रहे हैं और पार्टी की विचारधार पर उनसे परिचर्चा कर रहे हैं.

आदित्य काफी समय पहले से जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे हैं और अब खुलकर सामने आए हैं. उन्होंने गुरुवार को कहा था कि कन्नौज से सेक्युलर मोर्चा को नहीं हराया जा सकता. गौरतलब है कि कन्नौज को अखिलेश का गढ़ माना जाता है और उनकी पत्नी डिंपल यादव वहां से सांसद हैं. अखिलेश ने हाल में कहा था कि 2019 का चुनाव डिंपल नहीं लड़ेंगी. समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए यादव ने कहा, “समाजवादी पार्टी का समाजवाद धीरे-धीरे खत्म हो रहा है. हम उनके जैसे एयरकंडीशन रूम में बैठकर रणनीतियां नहीं बनाते. हम जमीनी स्तर पर काम करने में विश्वास रखते हैं.” आदित्य यादव ने कहा कि अखिलेश यादव में हिम्मत है तो वह कन्नौज से चुनाव लड़कर दिखाएँ, अगर उन्होंने कन्नौज से चुनाव लड़ा तो वह संसद नहीं पहुँच पाएंगे.

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