पहली बार किसी ने दी है सीधे चुनाव आयुक्त को ही जेल भेजने की धमकी… अब तक का सबसे दुस्साहसिक बयान

ये वो हैं जो खुद के नाम में उनका उपनाम लगाते हैं जो भारत में संविधान के निर्माता हैं . इतना ही नहीं , ये खुद को शान से उनके ही कुल खानदान आदि से बताते हैं .. पर इनका कृत्य कुछ ऐसा है जो किसी भी प्रकार से भारत के न्याय और संविधान संगत नहीं कहा जा सकता है . इस से पहले भी ये तमाम ऐसे कार्यों में संलिप्त रहे हैं जो राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए किसी भी रूप में सही नहीं कहे जा सकते हैं क्योकि इनको टुकड़े टुकड़े गैंग का करीबी माना जाता है .

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विदित हो कि ये चर्चा चल रही है प्रकाश अम्बेडकर की. वही प्रकाश आंबेडकर जो भीमा कोरेगांव आदि मामलों में चर्चा में आये थे . इतना ही नहीं उमर खालिद के इन करीबी को यलगार परिषद् वाले मुद्दे में भी काफी चर्चा में पाया गया था .. यवतमाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रकाश आम्बेडकर ने कहा, चुनाव आयोग कहता है कि राजनेता जम्मू कश्मीर के पुलवामा हमले के बारे में न बोलें, क्‍यों नहीं बोलें? बोलना हमारा अधिकार है. हम बोलेंगे. हम बीजेपी नहीं हैं.

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इस बयान में सबसे बुरी बात ये रही कि उन्होंने इसी जोश में आगे बोल दिया कि अगर हमारी सरकार आई तो हम चुनाव आयुक्त को दो दिन के लिए जेल भेज देंगे.”. ऐसा दुस्साहसिक बयान शायद ही किसी ने इस से पहले दिया रहा होगा .. प्रकाश आम्बेडकर के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. वहीं, इस मामले पर चुनाव आयोग ने प्रकाश आम्बेडकर के बयान के बाद महाराष्ट्र में अपने प्रतिनिधि कार्यालय से रिपोर्ट मांगी है.

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